स्टेट हाईवे पर टैंकर पलटने से गैस का रिसाव, टला बड़ा हादसा

साइकिल सवार को बचाने के चक्कर में बस नाले में उतरी, बस की चपेट में आने से छात्र घायल

झाबुआ/पेटलावद. सारंगी. कसारबर्डी में शुक्रवार दोपहर 11 बजे एलपीजी से भरा गैस टैंकर पलट गया। थांदला-बदनावर स्टेट हाईवे पर कसारबर्डी गांव के उंडवा फलिए के पास हादसा हुआ। टैंकर पलटने से शुरुआत में गैस लीकेज हो रही थी । गांव वालों ने गैस टैंकर के पलटने और उसमें से लीकेज होने की खबर चौकी प्रभारी श्रद्धा परिहार को दी। चौकी प्रभारी टीम के साथ घटना स्थल पहुंची। टैंकर से लीकेज की खबर मिलते ही गांव की बिजली सप्लाई रोक दी गई। गैस टैंकर में मामूली लीकेज के चलते आसपास एलपीजी की गंध आने लगी थी। सबसे पहले ड्राइवर ने लीकेज को बंद किया। इससे करीब 3 घंटे ट्रैफिक बाधित रहा। गैस कंपनी के सुपरवाइजर के आने के बाद टैंकर को हटाया गया। इसके बाद यातायात में सुधार हुआ। दूसरे खाली टैंकर में दुर्घटनाग्रस्त टेंकर से गैस रिफिल करने में पुन: ट्रैफिक जाम की स्थिति निर्मित हो गई। मामले में किसी के हताहत होने की खबर नही है।

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बस की चपेट में आने से छात्र घायल
झाबुआ. बरखेड़ा के समीप मोखड़ा नाले पर शुक्रवार दोपहर भोलेनाथ बस एमपी 44 ईजीरो 425 नाले में उतर गई।
साइकिल सवार को बचाने के चक्कर में बस नाले में उतरी, लेकिन बालक ंसाइकिल सहित बस की चपेट में आ गया। खचाखच भरी बस में सवारियों को भी चोट पहुंची। पेड़ से टकराकर बस पलटने से बच गई। झाबुआ से पेटलावद जाने वाली बस की टक्कर से मार्ग से गुजर रहे साइकिल सवार को टक्कर लगने से उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। हादसे में बरखेड़ा का निवासी कक्षा 6 में पढऩे वाले गोविंद गंभीर रूप से घायल हो गया एवं साइकिल भी क्षतिग्रस्त हो गई।
कल्याणपुरा में प्राथमिक उपचार करके झाबुआ रैफर किया। जहंां घायल की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

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बिजली के खंभे दुर्घटना को दे रहे न्योता
झाबुआ. विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण बहुत समय से बिजली के खंभे सडक़ पर आ रहे हैं। राजगढऩाका पर बनी एमपीईबी ग्रिड के मेन गेट के सामने दो बिजली के खंभे दुर्घटना को न्योता दे रहे हैं। रात में अंधेरा होने से सडक़ के किनारों पर रखे खंबे नजर नही आते। खंभे सडक़ तक पहुंच रहे हंै। इन्हें देखने के बाद जिम्मेदारों के काम करने के तरीके पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है। यह खंभे फुटपाथ के बनने से भी पहले से उसी जगह रखे थे। सालभर पहले फुटपाथ बनाने के समय भी इन खंभों को जगह से नहीं हटाया गया। नतीजा यह रहा कि फुटपाथ में आधे दबे खंबे सडक़ पर आ रहे हैं। अब इन खंबों को निकालने में फुटपाथ का टूटना भी तय है।

अर्जुन रिछारिया Incharge
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