1 हजार करोड़ सालाना अतिरिक्त कमाई का लालच छोड़े सरकार तो जनता को मिलेगी पेट्रोल के बढ़ते दामों से राहत

1 हजार करोड़ सालाना अतिरिक्त कमाई का लालच छोड़े सरकार तो जनता को मिलेगी  पेट्रोल के बढ़ते दामों से राहत

Amit Mandloi | Publish: Sep, 11 2018 12:31:48 PM (IST) Indore, Madhya Pradesh, India

पेट्रोल पर 4 रुपए अतिरिक्त और डीजल पर भी सेस-वैट अधिक

इंदौर.पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी से पेट्रोल ९० रुपए और डीजल 80 रुपए प्रति लीटर होने की कगार पर है। बीते 10 दिन में पेट्रोल के दाम 2..08 रुपए व डीजल के दाम 2.55 रुपए प्रति लीटर बढ़ चुके हैं। जानकारों का कहना है, राज्य सरकार पेट्रोल पर 4 रुपए प्रति लीटर के अतिरिक्त कर व डीजल पर अधिक जीएसटी व सेस से हो रही एक हजार करोड़ रुपए की अतिरिक्त कमाई का लालच छोड़े, तभी आम जनता को राहत मिल सकेगी।

सूत्रों के अनुसार विधानसभा चुनाव के म²ेनजर सरकार ने अफसरों को कीमतों में कमी के लिए मशक्कत करने के लिए कहा है। दामों में महंगाई के बावजूद पेट्रोल-डीजल की खरीदी में कोई कमी नहीं आई है। बीते साल की अपेक्षा अगस्त में 10 से 11 फीसदी मांग बढ़ी ही है। अगस्त में सरकार को इससे करीब 9 फीसदी अधिक राजस्व मिला है। बीते पांच माह में 3671 करोड़ रुपए की आय पेट्रोलियम पदार्थों पर वैट से हुई है, जो गत वर्ष की इसी अवधि में 3553 करोड़ रुपए थी।

प्रदेश में औसत खपत
पेट्रोल : 32 से 33 लाख लीटर प्रतिदिन
डीजल : 75 से 80 लाख लीटर प्रतिदिन
4 रुपए की कमी
पर जनता के 80 करोड़ बचेंगे
सरकार यदि पेट्रोल पर अतिरिक्त कर वापस ले तो प्रतिदिन औसत खपत के अनुसार करीब 22 से 24 करोड़ रुपए प्रतिमाह और डीजल पर 54 से 56 करोड़ रुपए कीराहत जनता को मिलेगी।

पेट्रोल पर

अगस्त में पेट्रोल की खपत 5.44 करोड़ लीटर यानी 19 से 20 लाख लीटर प्रतिदिन हुई। 4 रुपए अतिरिक्त कर के हिसाब से प्रति दिन 80 लाख रुपए व माह में 24 करोड़ रुपए लोगों की जेब से निकले।
सितंबर में 10 से 15 फीसदी का इजाफा संभावित। एेसे में यह राशि 30 करोड़ रुपए प्रतिमाह होगी।
12 माह का आकलन करें तो 320 से 360 करोड़ रुपए अतिरिक्त आय सरकार को हो रही है।

डीजल पर


डीजल की खपत 45 लाख लीटर प्रतिदिन हुई। यदि इस पर माना जाए कि 4 रुपए अधिक लिए जा रहे हैं तो लोगों की जेब से करीब 1.80 करोड़ रुपए रोजाना यानी करीब 54 से 56 करोड़ रुपए अतिरिक्त राशि सरकार की जेब में गई। सालाना देखें तो यह करीब 700 से 750 करोड़ रुपए होगी।
अधिक कर से सरकार सालाना 1000 से 1100 करोड़ रुपए कमा रही है। सरकार ने यह वृद्धि क्रूड के दाम घटने पर की थी। अब जब बढ़ रहे हैं, तो इसमें कमी होना चाहिए।

राज.-आंध्र का दबाव
राजस्थान व आंध्रप्रदेश ने पेट्रोल-डीजल पर वैट में कमी की घोषणा की है। इससे मध्यप्रदेश सरकार पर भी दबाव बढ़ा है। राजस्थान में दाम कम होने पर प्रदेश में डीजल-पेट्रोल की खरीदी पर असर होगा। क्योंकि पड़ोसी राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें हमारे यहां से कम है।

अगस्त से ज्यादा 10 दिन में बढ़े दाम
पेट्रोल पर अगस्त में 2.24 रुपए प्रति लीटर व डीजल पर 2.55 रुपए प्रतिलीटर की वृद्धि हुई थी। वहीं सितंबर में पेट्रोल पर 2.08 रुपए व डीजल पर 2.55 रुपए प्रतिलीटर की वृद्धि हुई है।

एेसे मिल रहा राजस्व
पेट्रोल पर 28 फीसदी वैट, 1 फीसदी सेस व 4 रुपए प्रतिलीटर अतिरिक्त कर ले रही है। राज्य सरकार को प्रति लीटर 21.58 रुपए कर मिल रहा है। डीजल पर 22.3 फीसदी वैट व 1 फीसदी सेस है। सरकार को प्रति लीटर 13.57 रुपए राजस्व मिल रहा है। सरकार को पेट्रोलियम प्रॉडक्टस से प्रतिमाह 750 से 850 करोड़ रुपए का राजस्व मिलता है।

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