इंदौर से मंत्री... तो फिर ठन-ठन गोपाल!

गुटीय संघर्ष में इंदौर के हाथ से फिर जा सकते हैं मंत्री पद, उपमुख्यमंत्री के लिए दबाव बना रहे नरोत्तम मिश्रा

By: Mohit Panchal

Published: 30 Jun 2020, 11:51 AM IST

इंदौर। शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है। इंदौर से मंत्री बनाए जाने के लिए दादा, दीदी और बाबा में कड़ा मुकाबला चल रहा है, लेकिन गुटीय संघर्ष के चलते एक बार फिर इंदौर के विधायकों के साथ ठन-ठन गोपाल वाली स्थिति हो सकती है। इधर, मंत्री नरोत्तम मिश्रा के दिल्ली में डेरा डालने की वजह से आज विस्तार के अटकने की संभावना भी बढ़ गई है।

प्रदेश भाजपा की राजनीति में इन दिनों खासी उठापटक चल रही है। मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री सुहास भगत दिल्ली में राष्ट्रीय नेतृत्व से मिले। इंदौर को लेकर भी खासी उठापटक चल रही है। राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने पूरी ताकत लगा रखी है कि विधायक रमेश मेंदोला को मंत्री बनाया जाए तो विधायक महेंद्र हार्डिया के अपने समीकरण हैं।

संघ की एक बड़ी लॉबी उषा ठाकुर का समर्थन कर रही है, लेकिन वह महू का प्रतिनिधित्व करती हैं जो धार लोकसभा में आती है। ऐसे में समीकरण उलझ रहे हैं। सिंधिया कोटे से मंत्री बनाए जाने वालों में राजवर्धनसिंह दत्तीगांव का नाम भी है। ऐसे में एक लोकसभा से दो मंत्री बनाया जाना मुश्किल है और वह भी राजपूत समाज से।

वहीं, इंदौर को लेकर मेंदोला और हार्डिया के बीच कशमकश है, जिसको देखते हुए पार्टी के आला नेता उलझन में नहीं पडऩा चाहते हैं। उस हिसाब से देखा जाए तो अब इंदौर से मंत्री बनाया जाना मुश्किल नजर आ रहा है। जैसे शिवराज ने तीसरे कार्यकाल में इंदौर को होल्ड पर रख दिया था, वैसी ही एक बार फिर स्थिति बन रही है। हालांकि आज होने वाले विस्तार के निरस्त होने की चर्चा भी जोरों पर है।

नरोत्तम का दिल्ली में डेरा

उनके अलावा मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी डेरा डाला हुआ है। सरकार बनाने में अहम् भूमिका निभाने वाले मिश्रा चाहते हैं कि उन्हें डिप्टी सीएम बनाया जाए। ऐसा रहा तो राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया के कोटे से भी एक को बनाया जाएगा। इसको लेकर मंथन चल रहा है।

बना लिया नया गुट

प्रदेश भाजपा की राजनीति में अहम् भूमिका निभाने वाले इंदौर में एक नया गुट खड़ा हो गया। अब तक पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन व सहकारिता नेता भंवरसिंह शेखावत की पटरी नहीं बैठती थी, लेकिन वरिष्ठ नेता कृष्णमुरारी मोघे ने दोनों नेताओं के बीच की खाई को पाटने का प्रयास किया। इसके चलते कल महाजन के घर पर मोघे व शेखावत की एक गोपनीय बैठक हुई। काफी देर तक तीनों नेताओं में मंथन हुआ। बताते हैं कि इस बीच में प्रदेश के दिग्गज नेताओं से भी बात हुई।

BJP
Mohit Panchal Reporting
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