हाईकोर्ट में दी गलत जानकारी, अब इन बैंकों को देना होगा लाखों का हर्जाना

बैंकों ने कोर्ट में याचिका दायर की थी, वकीलों को भी लगाई फटकार

By: रीना शर्मा

Published: 10 Mar 2019, 10:44 AM IST

इंदौर. करोड़ों रुपए की लेनदेन में स्वस्तिक कोल और बिनानी कंपनी के बीच जारी विवाद में गलत जानकारी देने पर हाई कोर्ट ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीस बैंक पर एक-एक लाख रुपए की कॉस्ट (हर्जाना) लगाई।
जस्टिस एससी शर्मा की पीठ ने बैंक के वकीलों को भी फटकारा। पूर्व महाविक्ता पुरुषेंद्र कौरव ने कंपनियों की तरफ से पैरवी की। स्वस्तिक कोल और बिनानी कंपनी के बीच करोड़ों रुपए का लेन-देने है। बैंकों ने कोर्ट में याचिका दायर की थी कि बिनानी कंपनी को जो पैसा स्वस्तिक कोल कंपनी को चुकाना है, वह राशि बैंकों के खाते में डाली जाए क्योंकि बैंकों को स्वस्तिक कोल कंपनी से लोन राशि वसूलना है। मामला कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल और डीआरटी में अलग-अलग मुद्दों पर विचाराधीन है। कंपनी के वकील का कहना है, बैंकों ने हाई कोर्ट में गलत जानकारी देकर अपने पक्ष में आदेश हासिल करने की कोशिश की। इस पर कोर्ट ने बैंकों पर कॉस्ट लगाई है।

रीना शर्मा Desk
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