गाइड लाइन के साथ 20 फीसदी निर्माण लागत भी हुई कम

आज से नई गाइड लाइन लागू - पंजीयन फीस 0.8 से बढ़ कर लगेगी 3 फीसदी, प्रत्येक लोकेशन पर आवासीय, व्यावसायिक, इंडस्ट्रियल, बहुमंजिला सभी में हुआ बदलाव

By: हुसैन अली

Published: 01 Jul 2019, 03:15 PM IST

इंदौर. राज्य सरकार ने गाइड लाइन को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति को समाप्त करते हुए पंजीयन विभाग को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। संपदा सॉफ्टवेयर में प्रॉपर्टी पर रजिस्ट्री शुल्क की गणना के लिए तय गाइड लाइन को सीधे 20 फीसदी कम कर दिया है। यह लाभ सभी श्रेणी की प्रॉपर्टी के साथ निर्माण लागत पर भी होगा, यानी इसमें भी 20 फीसदी कटौती की गई है। सरकार ने स्टांप ड्यूटी 5 फीसदी प्रतिशत रखते हुए पंजीयन फीस 0.8 फीसदी से बढ़ाकर 3 फीसदी कर दी। नई दरें सोमवार 1 जुलाई से लागू हो जाएंगी।

प्रदेश में प्रॉपर्टी व्यवसाय की चमक को लौटाने के लिए सरकार ने इस बार नया कदम उठाते हुए प्रॉपर्टी की गाइड लाइन 20 फीसदी कम करने का निर्णय लिया गया। हालांकि इस कमी की भरपाई रजिस्ट्री शुल्क बढ़ाकर शहरों में 12.5 व ग्रामीण क्षेत्रों में 9.5 फीसदी कर ली है। अब तक यह क्रमश: 10.3 व 7.3फीसदी थे। सभी शुल्क की गणना गाइड लाइन के आधार पर ही होगी। यदि कोई गाइड लाइन से अधिक कीमत पर रजिस्ट्री कराना चाहता है तो वह अतिरिक्त कीमत पर 1 फीसदी ड्यूटी और स्थानीय निकाय कर देकर करवा सकता है। अभिभाषक प्रमोद द्विवेदी का मानना है, सरकार के इस कदम से आम आदमी को सिर्फ रजिस्ट्री कराने में ही फायदा नहीं होगा, आयकर व संपत्ति की बढ़ती कीमत में भी कमी आएगी। उससे पुरानी, रूकी हुई, गृह निर्माण संस्थाआें की नामांतरित संपत्तियों की भी रजिस्ट्री होगी।

लेआउट के अनुसार होगी रजिस्ट्री

सामान्य तौर पर टाउनशिप में मिक्स लेआउट स्वीकृत कराया जाता हैं। छोटे प्लॉट्स पर डुप्लेक्स बनाए जाते हैं। डेवलपर्स यहां प्लॉट की रजिस्ट्री करवा लेते हैं। अब ऐसा नहीं हो सकेगा और डुप्लेक्स की ही रजिस्ट्री होगी। वरिष्ठ जिला पंजीयक बीके मोरे ने कहा, शासन से मिले दिशा-निर्देश के बाद संपदा में बदलाव कर दिया है।

सभी श्रेणी में होगी कमी

गाइड लाइन की हर लोकेशन के लिए तय विभिन्न श्रेणियों में भी20 फीसदी की कमी होगी। यानी आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, बहुमंजिला में फ्लैट, कृषि भूमि सहित सभी पर यह कमी की गई है। निर्माण लागत में भी 20 फीसदी कमी से रजिस्ट्री में आम आदमी को और फायदा होगा, क्योंकि बने हुए मकान की रजिस्ट्री में निर्माण लागत का भी हिस्सा होता हैं। पारिवारिक संपत्तियों पर लगने वाली डयूटी को भी सरल किया है। गिफ्ट डीड या दान पत्र की स्थिति को स्पष्ट कर चल संपत्ति के लिए दान पत्र पर स्टांप डयूटी कम कर 0.5 फीसदी की गई हैं। अचल संपत्ति के दान पत्र पर शुल्क यथावत लगेगा।

रजिस्ट्री पर लगने वाले शुल्क (फीसदी में)

शुल्क - शहर - ग्रामीण

स्टांप ड्यूटी - 5.0 - 5.0

नगर निगम - 3.0 - --

पंचायत कर - 1.0 - 1.0

उपकर- 0.5 - 0.5

पंजीयन फीस - 3.0 - 3.0

कुल - 12.5 - 9.5

हुसैन अली
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