ट्रैफिक सुधार के लिए बनाना होगा नया रिंग रोड

3 महीने शहर की व्यवस्था का अध्ययन करने के बाद आइआइएम ने सौंपी एडीजी को रिपोर्ट

इंदौर. आइआइएम के डायरेक्टर व दो प्रोफेसर ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए तीन महीने के अथक प्रयास के बाद बनी रिपोर्ट एडीजी वरुण कपूर को सौंप दी है। आइआइएम ने प्रशासन से आग्रह किया है कि शहर के बाहर एक नया रिंग रोड सर्कल बनाया जाए ताकि हैवी ट्रैफिक शहर में आने के बजाए बार से निकल जाए। चौराहों की व्यवस्था सुधारने के लिए फ्लाय ओवर ब्रिज का निर्माण जरुरी बताया है।
मंगलवार को आइआइएम के प्रोफेसर राजहंस मिश्रा ने करीब 34 पेजों की रिपोर्ट को एडीजी को सौंपा है जो प्रशासन के अन्य अफसरों के बीच रखी जाएगी और उसके आधार पर सुधार के प्रयास का दावा किया जा रहा है।
आइआइएम के डायरेक्टर हिमांशु राय, प्रोफेसर राजहंस मिश्रा व प्रोफेसर सौरभ चंद्र ने करीब 3 महीने के अथक प्रयास, कई चौराहों पर जाकर समस्या को समझा, वाहन चालकों के साथ ही पुलिसकर्मियों से बात करने के बाद पूरी रिपोर्ट तैयार की है।
90 प्रतिशत युवाओं को नहीं है ट्रैफिक नियमों का ज्ञान
पुलिस को सौंपी रिपोर्ट में ट्रैफिक सुधार के लिए सुझाव देने के साथ ही शहर वासियों को ट्रैफिक शिक्षा देने पर ज्यादा जोर दिया है। प्रो. मिश्र के मुताबिक, हमने कई चौराहों पर जाकर वहां वाहन चालकों से बात की है। वाहन चालक खासकर युवा वर्ग को तो नियमों की जानकारी ही नहीं है। करीब 90 प्रतिशत कुछ नहीं जानते। उन्हें जेब्रा क्रासिंग के इस्तेमाल व ट्रैफिक संकेतक के बारे में कुछ ज्ञान नहीं है। रिपोर्ट में ट्रैफिक एज्यूकेशन पर ज्यादा जोर दियया है।

नए रिंग रोड पर हैवी व्हीकल व टू व्हीलर के लिए रहे अलग लेन
रिपोर्ट में शहर के लिए एक रिंग रोड बनाने का सुझाव दिया है। प्रो. मिश्रा के मुताबिक, अभी बायपास है और रिंग रोड है लेकिन रिंग रोड पूरी नहीं बनी है। नियमानुसार रिंग रोड का सर्कल पूरा होना जरुरी है। अभी रिंग रोड पूरी नहीं होने से हैवी ट्रैफिक जो शहर के बाहर से निकल जाना चाहिए वह शहर के अंदर आता है और अव्यवस्था व एक्सीडेंट होते है। अगर रिंग रोड सर्कल बन जाता है तो हैवी ट्रैफिक शहर के बाहर से ही निकल जाएगा। सभी राष्ट्रीय राजमार्ग जुडऩा जरूरी है। इसके साथ ही रिंग रोड पर विदेश की तर्ज पर चार पहिया व हैवी ट्रैफिक के लिए 3-3 लेन व दोपहिया वहानों के लिए 2 लेन अलग बनाने का भी सुझाव दिया है।
- दूसरा मुख्य सुझाव है बस टर्मिनल शहर के बाहर बनाना। यह टर्मिनल बायपास से रेडिसन चौराहे के बीच बनाने का सुझाव है। साथ ही इस टर्मिनल तक जाने के लिए शहर के अंदर अलग-अलग जोन बनाने का भी सुझाव है ताकि लोगों को वहां से टर्मिनल तक जाने के लिए लोक परिवहन मिल जाए।
- पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए साइकिल ट्रेक बनाने की भी बात कहीं है। यह साइकिल ट्रेक राजीव गांधी चौराहे से रेडिसन चौराहा तक रिमंग रोड पर, विजयनगर, बापट चौराहे होते हुए सुपर कॉरिडोर तक बनाना होगा। सुपर कॉरिडोर पर अभी साइकिल ट्रेक है लेकिन वह छोटा है।

प्रमोद मिश्रा Reporting
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