मंत्री के पार्षद भतीजे से विवाद के बाद दी थी इस्तीफे की धमकी, अफसरों ने महिला सूबेदार को कराया मेडिटेशन

मंत्री के पार्षद भतीजे से विवाद के बाद दी थी इस्तीफे की धमकी, अफसरों ने महिला सूबेदार को कराया मेडिटेशन

Pramod Mishra | Publish: Apr, 17 2019 01:06:24 PM (IST) | Updated: Apr, 17 2019 01:06:25 PM (IST) Indore, Indore, Madhya Pradesh, India

एंगर मैनेजमेंट का कोर्स शुरू, अच्छे व्यवहार को लेकर दी सीख

इंदौर. पुलिस के एंगर मैनेजमेंट कोर्स में ट्रैफिक पुलिस के कई अफसरों को शामिल किया गया। मंत्री के भतीजे पार्षद अभय वर्मा से विवाद के कारण चर्चा में आई सूबेदार सोनू वाजपेयी को भी इसमें शामिल कर मेडिटेशन, योगा कराने के साथ ही लोगों से अच्छा व्यवहार की सीख भी दी गई। गौरतलब है कि विवाद के बाद जब मंत्री ने ट्रांसफर की धमकी साबित होने की स्थिति में पार्षद अभय वर्मा का इस्तीफा दिलाने के चैलेंज दिया तो सूबेदार सोनू वाजपेयी ने भी रिश्वत मांगने की बात साबित होने पर इस्तीफा देने की दी थी धमकी।
पुलिस कंट्रोल रूम में मंगलवार सुबह ट्रैफिक पुलिस व लाइन के पुलिस अफसरों की ट्रेनिंग हुई। ट्रेनिंग योगा व मेडिटेशन की थी जिसे एंगर मैनेजमेंट भी कहा जा रहाहै। ट्रैफिक पुलिस के अफसरों की चेकिंग के दौरान काफी विवाद हो रहे है जिसे ध्यान में रखते हुए सभी को ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि शांत चित के साथ ड्यूटी कर सके। मंगलवार को हुई ट्रेनिंग में कई सूबेदार व सब इंस्पेक्टर शामिल हुए। दो दिन पहले पार्षद अभय वर्मा के साथ चेकिंग के दौरान विवाद होने से चर्चा में आई सूबेदार सोनू वाजपेयी भी इस ट्रेनिंग में शामिल हुई। एएसपी मनीष पाठक सोनी की उपस्थिति में पहले मेडिटेशन कराया गया। इसके बाद डीएसपी बसंत कौल व उमाकांत चौधरी ने सभी से बात कर ड्यूटी के दौरान संयम रखने व वाहन चालकों से अच्छा व्यवहार करने की सीख दी। डीएसपी हरिवंश कन्हौआ के मुताबिक, सभी सूबेदार को एक दिन की ट्रेनिंग पर ही भेजा गया था। सोनू को भी एक दिन के लिए ही भेजा था।

विवाद रविवार सुबह का है। सफेद स्कार्पियों में सवार मंत्री सज्जनसिंह वर्मा के भतीजे पार्षद अभय वर्मा को पुलिस टीम ने मोबाइल पर बात करते हुए गाड़ी चलाने के आरोप में रोका था। अभय वर्मा का इस बात को लेकर विवाद हुआ। उस समय वे चले गए लेकिन बाद में समर्थकों के साथ फिर पहुंचे थे। महिला सूबेदार सोनू वाजपेयी का कहना था कि अभय वर्मा व समर्थकों ने बालाघाट ट्रांसफर कराने की धमकी दी जबकि अभय वर्मा ने इनकार करते हुए आरोप लगाया था कि उनसे सिपाही ने एक हजार रुपए मांगे थे। विवाद के बाद दोनों ओर से बयानबाजी चल रही थी, अफसर मामले में जांच करा रहे थे।

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