पचास लाख वसूल कर भी नही भरा सूदखोरों का मन, फिर व्यापारी ने उठाया ये खतरनाक कदम

आइसीयू में चल रहा इलाज: ५० लाख रुपए चुकाने के बाद भी धमका रहे

By: amit mandloi

Published: 20 Jul 2018, 01:06 PM IST

इंदौर. एमआइजी क्षेत्र में सूदखोरों से त्रस्त रेस्टोरेंट संचालक ने जहर खा लिया। आइसीयू में उसका इलाज चल रहा है।
पुलिस के मुताबिक, शिवाजी नगर निवासी संभाजी वाघमारे (42) का नेहरू नगर में पंचामृत रेस्टोरेंट है। बुधवार सुबह वह रेस्टोरेंट जाने का कहकर घर से निकला और रेस्टोरेंट के पास मंदिर के बाहर जहर खा लिया। पास ही रहने वाले
परिचित ने देखा तो अस्पताल ले गए और परिवार को जानकारी दी। फिलहाल संभाजी की हालत गंभीर है। भाई रंजीत ने बताया, संभाजी ने पांच साल पहले रुपए उधार लिए थे। कई गुना ब्याज चुकाने के बाद भी उधारी खत्म नहीं हुई। इसके चलते वह कई लोगों से उधार लेता गया। करीब 25 लाख रुपए कर्ज हो गया। सूदखोर रोज रेस्टोरेंट पर आ धमकते। पेटभर नाश्ता करने के साथ पैक करवाकर भी ले जाते, पर इसका पैसा नहीं देते। गल्ले में रखे रुपए भी ले जाते। संभाजी पांच साल से रोज 5-6 हजार रुपए ब्याज दे रहे हैं। रंजीत के मुताबिक, सूदखोर ब्याज के रूप में करीब 50 लाख रुपए ले चुके हैं। संभाजी कुछ दिनों से किराना सामान उधार लेकर रेस्टोरेंट चला रहा था। तीन दिन से रेस्टोरेंट भी बंद था।

गोली मारने व गर्म तेल फेंकने की देते थे धौंस
सूदखोर फोन पर कभी गोली मारने की धमकी देते तो कभी रेस्टोरेंट में गर्म तेल उस पर फेंकने की बात कहते। नवंबर 2017 में भी इसी से परेशान होकर संभाजी घर से बिना बताए कहीं चला गया। परिवार ने परदेशीपुरा थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। वापस घर लौटने पर बयान में उसने सूदखोरों से परेशान होने की बात बताई थी, इसके बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। एमआइजी टीआइ तहजीब काजी ने बताया, परिवार को सूदखोरों की जानकारी नहीं है। अस्पताल में संभाजी के बयान लेकर सूदखोरों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।

फिर सक्रिय हुए सूदखोर, हर दिन शिकायत
केस 1
कनाडिय़ा इलाके में प्रकाश उर्फ जुगल रावत निवासी करुणा सागर अपार्टमेंट ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में उसने जितेंद्र पथरोड व सुमित घायना के खिलाफ परेशान करने के आरोप लगाए। पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया।
केस 2
एमआईजी इलाके में विजय दवे के साथ दोस्त सौरभ पटेल मारपीट करता। विजय ने ५ हजार रुपए उधार लिए। इसके बदले में 11500 रुपए चुकाने के बाद भी दस हजार रुपए और सौरभ मांग रहा था। पुलिस ने सौरभ के खिलाफ केस दर्ज किया।
केस 3
परदेशीपुरा के प्रकाश जैन (52) ने जहर खाकर जान दे दी। सुसाइड नोट में एक दर्जन सूदखोरों पर आरोप लगाया। रुपए चुकाने में दुकान बिक गई, मकान व पत्नी के जेवर गिरवी रख दिए। लाखों रु. देने के बाद भी सूदखोर धमकाते रहे। पुलिस कार्रवाई नहीं कर पाई।

शहर में सूदखोर फिर सक्रिय हो गए हैं। रुपए देते समय कम ब्याज दर बताई जाती है। बाद में कई गुना ब्याज के साथ पेनल्टी के रूप में काफी रुपए वसूले जाते हैं। रोज एक शिकायत पुलिस के पास पहुंच रही है। खास बात ये है, गरीब इलाके में सूदखोर काफी सक्रिय हैं। पुलिस शिकायत के बाद ही कार्रवाई करती है, अभियान चलाकर इनकी धरपकड़ नहीं करती। गरीब बस्तियों में उधार लेने वालों को वसूली के नाम पर न सिर्फ धमकाया जाता है, उनके प्लॉट या मकान पर कब्जा भी कर लिया जाता है। पीडि़त शिकायत करते हंै तो पुलिस सुनवाई नहीं करती। वे आत्महत्या के लिए मजबूर हो जाते हैं तो हरकत में आती है। कुछ दिन पहले अनूपनगर निवासी जुगल किशोर पाहवा ने भी सूदखोरों से परेशान होकर फांसी लगा ली थी। उन्होंने सूदखोरो पर दो केस दर्ज कराए थे उसके बाद भी सूदखोर धमकियां दे रहे थे।

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