तापमान बढ़ा तो वीवीपैट मशीन में आ सकती है तकनीकी रुकावट, परिणाम मिलाने में आएगी परेशानी

तापमान बढ़ा तो वीवीपैट मशीन में आ सकती है तकनीकी रुकावट, परिणाम मिलाने में आएगी परेशानी

Reena Sharma | Publish: May, 18 2019 04:20:17 PM (IST) Indore, Indore, Madhya Pradesh, India

मौसम विज्ञान केंद्र ने जारी किया है पूर्वानुमान : मतदान केंद्रों पर नहीं की कूलर की व्यवस्था, वीवीपैट के लिए तापमान नियंत्रण जरूरी

झाबुआ. लोकसभा चुनाव के लिए रतलाम-झाबुआ संसदीय सीट पर 19 मई को मतदान होना है। यदि पिछले पांच सालों का रिकॉर्ड देखे तो इस तारीख को हमेशा पारा 41 डिग्री या इससे ऊपर ही रहा है। वहीं 2016 में अधिकतम तापमान 46.6 डिग्री दर्ज किया गया था। ऐसे में यदि मतदान केंद्रों पर तापमान नियंत्रित करने के लिए कूलर के इंतजाम नहीं किए गए तो वीवीपैट में तकनीकी रुकावट आ सकती है।

नतीजतन ईवीएम और वीवीपैट के परिणामों के मिलान में दिक्कत खड़ी हो जाएगी। रतलाम-झाबुआ संसदीय सीट के तहत 2 हजार 348 मतदान केंद्र आते हैं। इनमें से 981 मतदान केंद्र झाबुआ जिले के हैं। इनमें से किसी भी केंद्र पर कूलर के इंतजाम नहीं किए गए हैं। इसका सीधा असर वीवीपैट पर हो सकता है। जबकि दूसरी तरफ प्रशासन ने वीवीपैट को गर्मी से बचाने के लिए मतदान दलों को पॉलिटेक्निक कॉलेज में बने कंट्रोल रूम से सुबह 6 बजे से सामग्री का वितरण करने का निर्णय लिया। इसके तुरंत बाद उन्हें वाहनों से मतदान केंद्रों के लिए रवाना कर दिया जाएगा। कोशिश ये रहेगी कि सभी दल सुबह साढ़े 9 बजे से पहले अपने-अपने केंद्र पर पहुंच जाए। दलों को इस बात का खास ध्यान रखना होगा कि वीवीपैट मशीन का तापमान न बढ़ें। यहां तक की कमरे में लगी लाइट की सीधी रोशनी भी उस पर ना पड़े। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने तो अधिकारियों को यहां तक कह दिया है कि आप लोग रात में वीवीपैट को पंखे के करीब रखें। ताकि अधिक तापमान का उस पर असर न हों।

केंद्रों पर छाया-पानी का इंतजाम करना भी रहेगा चुनौती

मतदान वाले दिन मतदान केंद्रों पर छाया-पानी का इंतजाम करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहेगा। हालांकि अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जिन केंद्रों पर शेड नहीं है वहां छाया के लिए टेंट लगाएंगे। वहीं पीने के पानी की व्यवस्था भी अलग से की जाएगी। ताकि मतदाताओं को गर्मी की वजह से परेशानी न हो। झाबुआ-रतलाम संसदीय क्षेत्र में कुल आठ विधानसभा लगती है। इसमें झाबुआ जिले की तीन विधानसभा-झाबुआ, थांदला व पेटलावद शामिल है। तीनों विधानसभा के करीब पौने 8 लाख मतदाता मतदान करेंगे। इस आंकड़े को देखते हुए स्पष्ट है कि सभी केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारे लगेगी। चूंकि गर्मी का मौसम है ऐसे में यदि छाया-पानी का इंतजाम नहीं किया गया तो इसका असर होने वाले मतदान के प्रतिशत पर पड़ सकता है। लिहाजा प्रशासन ने हर केंद्र पर टेंट लगाने के साथ पीने के पानी के लिए 8 -8 मटके और दो-दो पानी की कैन रखवाने का निर्णय लिया है। ताकि गर्मी की वजह से कोई परेशानी न आए।

०8 विधानसभा आती है रतलाम-झाबुआ संसदीय क्षेत्र में
०3 जिले झाबुआ, आलीराजपुर व रतलाम लगते हैं
०3 विधानसभा क्षेत्र रतलाम जिले के
०3 विधानसभा क्षेत्र झाबुआ जिले के
०2 विधानसभा क्षेत्र आलीराजपुर जिले के 2348 कुल मतदान केंद्र

पांच सालों में 19 मई को कितना रहा झाबुआ जिले में तापमान

वर्ष अधिकतम न्यूनतम

2018 41.6 28.5
2017 41.0 27.6
2016 46.6 31.4
2015 43.2 28.8
2014 41.5 27.4

जिले की तीनों विधानसभा में कितने मतदान केंद्र-
विसभा केंद्र
झाबुआ 356
थांदला 304
पेटलावद 321
योग 981

वीवीपैट में तापमान से क्यों आ जाती है रुकावट

-वोटर वेरीफाइड पेपर ऑडिट टे्रल (वीवीपैट) एक तरह की मशीन होती है। जिसे ईवीएम से जोड़ा जाता है। वीवीपैट में सात अलग-अलग तरह के सेंसर होते हैं। इससे ही पूरी मशीन संचालित होती है। अधिक तापमान से इन सेंसर पर असर हो सकता है। इसलिए वीवीपैट को अधिक तापमान से बचाने पर जोर दिया जाता है।

डॉ.रवींद्रसिंह, मास्टर टे्रनर,झाबुआ

हमारी पूरी तैयारी है

-गर्मी के मद्देनजर मतदान केंद्रों पर हमारी पूरी तैयारी है। प्रत्येक बूथ पर अतिरिक्त शेड के लिए टेंट लगाएंगे। पीने के पानी के लिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर 6-6 मटके और 2-2 पानी की कैन रखी जाएगी। बिजली व्यवस्था पहले से ही है। केंद्रों पर कूलर की व्यवस्था नहीं की गई है क्योंकि इतना अधिक तापमान नहीं रहेगा जिससे वीवीपैट में ईरर आ जाए।
अनिल भाना, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, झाबुआ

पूर्वानुमान: 41 डिग्री रहेगा अधिकतम तापमान

-मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले पांच दिनों का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार 19 मई को जिस दिन मतदान होना है उस दिन अधिकतम तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री रहने की संभावना है। आर्द्रता अधिकतम 44 प्रतिशत और न्यूनतम 20 प्रतिशत रहेगी। हवा की रफ्तार 20.8 किमी प्रति घंटा रहेगी।
डॉ.आरके त्रिपाठी, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, झाबुआ

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned