पानी बांटने में हो रही मनमर्जी

- विधायक के नाम से पानी का टैंकर भर रहे पर कहां बंट रहा पता नहीं, पानी बेचने या बांटने की किसी को जानकारी नहीं

By: amit mandloi

Published: 23 May 2018, 06:10 AM IST

 

इंदौर.

तारीख : २२ मई २०१८

समय : दोपहर २.३८
स्थान : स्कीम-140 पानी की टंकी हाईड्रेंट

यहां पर निगम से अटैच पानी के छोटे बड़े टैंकर्स के साथ एक बड़ा दूध वाहन लिखा टैंकर खड़ा था। जीजे १५ यूयू ७७७९ नंबर के इस टैंकर पर कहीं भी नगर निगम का नाम नहीं लिखा था। इस पर एक होर्डिंग जरूर टंगा था, जिस पर विधायक जीतू पटवारी का नाम लिखा था। लगभग 32 हजार लीटर की क्षमता का ये टैंकर पानी की टंकी से नर्मदा का पानी भराता है और बगैर किसी इंट्री के वहां से चला जाता है। ये टैंकर कहां पानी बांटेगा, किस बस्ती में जा रहा है, इसकी किसी को कोई जानकारी नहीं है। न ही इसकी लॉगबुक बनी है न ही एंट्री होती है। ये टैंकर दिनभर में तीन बार पानी ले जाता है। ऐसा ही एक और ट्रैक्टर टैंकर है जो रोजाना कम से 5 से 7 ट्रिप पानी नर्मदा की टंकी से भरकर बांटता है। ये टैंकर भी कहां जाता है इसकी किसी को जानकारी नहीं है। ये पानी की कालाबाजारी तो नहीं कर रहे हैं, इसकी भी निगम का कोई अफसर कोई खोज खबर नहीं ले रहा है।
मौखिक निर्देश पर ही खेल शुरू

इन टैंकर्स को लेकर जब अफसरों से चर्चा की गई तो उन्होने बताया कि पूर्व निगमायुक्त मनीष सिंह ने मौखिक तौर पर निर्देश दिए थे कि चूंकि विधायक पटवारी को कोई टैंकर अलॉट नहीं किया गया है, इसलिए उनके क्षेत्र में पानी वितरण के लिए उनके निजी टैंकर को नर्मदा का पानी भरने दिया जाए।
निजी टैंकर्स सप्लायर्स का कर रहे विज्ञापन

इस हाईड्रेंट पर खड़े लगभग 10 टैंकर्स ऐसे थे जो की निजी पानी सप्लायर्स ने निगम में अटैच करवाए थे। इन टैंकर्स पर उनके नाम मोबाइल नंबर लिखे थे। यही नहीं इनमें से अधिकांश पर रजिस्ट्रेशन नंबर भी नहीं लिखे थे। वहीं बिल्कुल बारीक अक्षरों में इ.न.पा.नि द्वारा निशुल्क जल वितरण लिखा था। इन टैंकरों को निगम की ओर से इंदौर नगर निगम लिखी हुई रेडियम की पट्टी दी जानी थी, लेकिन वो भी नहीं दी गई। जिसके चलते इन टैंकर्स से पानी बेचना कोई बड़ी बात नहीं है। लेकिन इन टैंकर्स ने पानी दिया या नहीं इसकी किसी को कोई जानकारी नहीं है।
डेढ़ गुना लेते हैं नर्मदा के पानी का पैसा

भीषण गर्मी के बीच पानी की किल्लत से जूझ रहे शहर में निजी टैंकर्स सप्लायर्स बोरिंग के पानी के 4 हजार लीटर पानी के टैंकर के लिए 700 रुपए लेते हैं, वहीं नर्मदा के पानी के लिए ये दर हजार रुपए से 1200 रुपए तक होती है। जबकि नर्मदा का पानी केवल पानी की टंकियों पर बने हाईड्रेंट से ही सप्लाय हो रहा है।
महापौर ने भी खुद पकड़ी गड़बड़ी

मंगलवार को महापौर मालिनी गौड़ खुद इस हाइड्रेंट पर पहुंचीं। जहां पर उन्होंने बगैर नगर निगम लिखी गाडिय़ां देखी। इसके लिए उन्होंने जहां अफसरों को फटकार भी लगाई। महापौर ने इस दौरान सभी गाडिय़ों पर स्टीकर लगाने के लिए अफसरों को कहा। वहीं बगैर निगम से अटैच गाडिय़ों के यहां से पानी भरे जाने की बात भी इस दौरान उनके सामने आ गई। जिसको लेकर वो नाराज भी हुईं।
- कुछ गाडिय़ां यहां खड़ी थीं, जिन पर इंदौर नगर पालिक निगम लिखा नहीं दिख रहा था। इन गाडिय़ों पर स्टीकर लगाने के लिए मैंने कहा है।

- मालिनी गौड़, महापौर

 

 

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