साईं भजनों के साथ द्वारकापुरी व मुखर्जी नगर में साईं पालकी का घर-घर स्वागत

साईं भजनों के साथ द्वारकापुरी व मुखर्जी नगर में साईं पालकी का घर-घर स्वागत

Arjun Richhariya | Publish: Mar, 14 2018 10:01:41 AM (IST) Indore, Madhya Pradesh, India

केंद्रीय साईं समिति व श्री इंदौर शहर साईं भक्त सेवा समिति के सदस्य एक सी वेशभूषा में नजर आए

इंदौर . द्वारकापुरी व मुखर्जी नगर में साईं बाबा पालकी में बैठकर भ्रमण पर निकले। भक्तों ने पुष्पवर्षा कर साईं की अगवानी की। केंद्रीय साईं समिति व श्री इंदौर शहर साईं भक्त सेवा समिति के सदस्य एक सी वेशभूषा में नजर आए। धर्म ध्वजा और छत्रियां लिए सेवादारों ने साईंराम के जयकारे लगाए। अलसुबह क्षेत्र में दिपावली जैसा माहौल था।
यात्रा संयोजक संध्या राधाकिशन जायसवाल ने बताया, केंद्रीय साईं सेवा समिति एवं संस्था संगम द्वारा मुखर्जी नगर में निकली साईं की पालकी की अगवानी के लिए घर-घर दीप जलाकर पुष्पवर्षा की गई। घरों के सामने रंगोली बनाई गई। यात्रा में शहर कांग्रेस उपाध्यक्ष मोहन सेंगर, प्रदेश सचिव दीपू यादव, मासूम जायसवाल, चंद्रकांत कुंजीर, हरि अग्रवाल, पार्षद भूपेंद्र चौहान सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए।
श्री इंदौर शहर सांई भक्त सेवा समिति के तत्वावधान में साईं बाबा महोत्सव एवं साईं समाधि शताब्दी महोत्सव के अंतर्गत द्वारकापुरी क्षेत्र में पालकी यात्रा निकली। विभिन्न मार्गों और गलियों में 2 हजार से अधिक भक्तों ने बाबा की पालकी का पूजन-अभिषेक किया। यात्रा का शुभारंभ संजय गिन्नोरे एवं उनके साथियों ने पालकी का पूजन कर किया। समिति की ओर से छोटू शुक्ला, प्रकाश तोमर, राजेंद्र गर्ग, राजेंद्र मित्तल, रामकृष्ण शर्मा, जितेंद्र व्यास ने भक्तों का स्वागत किया। भजन गायक भवानी ठाकुर, श्रीराम पाटीदार आदि ने भजनों की प्रस्तुति दी। बुधवार को पालदा स्थित हिम्मत नगर और बनवारी नगर से 5.30 बजे प्रभातफेरी निकलेगी।

 

 

 

स्वामी तेजोमयानंद का व्याख्यान...
चिता तो मृत को एक बार जलाती है पर चिंता बार-बार
इंदौर . चिता तो मृत व्यक्ति को एक बार जलाती है, परंतु चिंता जीवित व्यक्ति तो पल-पल जलाती है। इनसे निकलने का एक ही उपाय है। चिंताएं उस चिंताहरण को समर्पित कर दो जो हर योगक्षेम वहन करने वाला है।
मंगलवार को स्कीम नंबर 78 में भक्ति एवं ज्ञान यज्ञ महोत्सव में स्वामी तेजोमयानंद ने मधुराष्टकम पर व्याख्यान देते हुए उक्त विचार रखें। उन्होंने कहा, नर का आभूषण रूप, रूप का गुण, गुण का ज्ञान और ज्ञान का आभूषण क्षमा है। क्षमाशील ही सर्व शक्तिमान है।
साधना के १० कक्ष व अन्नक्षेत्र का लोकार्पण : चिन्मय मिशन आश्रम को चिन्मय मधुरम के रूप में संतों और साधकों की साधना के लिए दस कक्ष और एक अन्नक्षेत्र की सौगात मिली। स्वामी प्रबुद्धानंद ने बताया, चिन्मय मधुरम का उद्घाटन स्वामी तेजोमयानंद, स्वामी सुबोधानंद, चिन्मय सेवा ट्रस्ट के सचिव रामनिरंजन लोहिया ने किया।
13 प्रमुख दानदाताओं और निर्माण कार्य में मुख्य भूमिका निभाने वाले सहयोगियों को भी कार्यक्रम में प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण से हुआ।

tejomyanand
Ad Block is Banned