साध्वी प्रज्ञा सहित भाजपा की जीत पर जब पूर्व आइएएस ने उठाए सवाल तो ऐसे भडक़े सदस्य

साध्वी प्रज्ञा सहित भाजपा की जीत पर जब पूर्व आइएएस ने उठाए सवाल तो ऐसे भडक़े सदस्य

Reena Sharma | Updated: 27 May 2019, 12:17:47 PM (IST) Indore, Indore, Madhya Pradesh, India

अभ्यास मंडल की व्याख्यान माला में हंगामा : हर्ष बोले- देश में फैल रहा ‘हरा वायरस’, कई सदस्य मंच पर पहुंचे और जताया विरोध

इंदौर. अभ्यास मंडल की व्याख्यानमाला में पूर्व आइएएस व समाजसेवी हर्ष मंदर के भाषण ने हंगामे की स्थिति पैदा कर दी। हर्ष ने लोकसभा चुनाव में मतदान को लेकर देश की जनता की मानसिकता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी को ताना दिया कि वे वहां वोट मांग रहे हैं, जहां सिर्फ मुस्लिम और ईसाई रहते हैं। अमित शाह ने कहा, एमआरसी कानून पूरे देश में लागू होगा। हिंदू, सिख व बौद्ध धर्म के लोगों को बिना दस्तावेज नागरिकता मिलेगी। योगी आदित्यनाथ और साध्वी प्रज्ञा ने भी हिंदूवाद के मुद्दे को हवा दी। उन्होंने कहा, यह ‘हरा वायरस’ पूरे देश में फैल चुका है, हमें इसे रोकना होगा।

मंदर का व्याख्यान खत्म होने के बाद आर्किटेक्ट अतुल सेठ सहित कई अन्य सदस्य मंच पर पहुंचे और विरोध दर्ज कराया। सेठ ने कहा, मंदर ने मॉब लिचिंग को हिंदू-मुस्लिम रुख दे दिया। उन्होंने अपनी बातों को ऐसे रखा, जैसे पीएम मोदी के आने के बाद से ही यह सब शुरू हुआ है या एक उद्देश्य से ऐसी घटनाएं की जा रही हैं। उन्होंने कश्मीरी पंडितों के मुद्दे पर एक शब्द नहीं बोला। जब हर्ष से सवाल किए गए तो वे जवाब देने से बचते रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता गौतम कोठारी ने की और संचालन माला ठाकुर ने किया।

राहुल गांधी की जगह मैं होता तो...

अभ्यास मंडल की 60वीं ग्रीष्म कालीन व्याख्यानमाला में ‘भारतीय समाज में बंधुत्व की खोज’ विषय पर बोलते हुए हर्ष ने चुनावों पर टिप्पणी करते हुए कहा, विपक्ष ने रद्दी तरीके से चुनाव लड़ा। राहुल गांधी की जगह मैं होता तो कहता कि मेरे नाना पारसी, मां क्रिश्चियन और मैं हिंदू हूं। मंदिर जाने की जगह कहता, मेरा धर्म इंसानियत है। लेकिन उन्होंने मान लिया कि धर्मनिरपेक्षता की बात करेंगे तो हमारे वोट कम हो जाएंगे।

बंटवारे के समय महात्मा गांधी द्वारा लिए गए निर्णयों को बताया बंधुता का बड़ा उदाहरण

मंदर ने महात्मा गांधी द्वारा बंटवारे के वक्त लिए गए निर्णय को बंधुता का सबसे बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने कहा, गांधी ने देश में नफरत की सूनामी के बीच मुस्लिमों को बराबरी का हक दिलाने के लिए दिल्ली में उपवास किया। उन्हीं के प्रयासों से पाकिस्तान गए लोगों को उनकी संपत्ति वापस मिली, मस्जिदों व दरगाह को मंदिर की शक्ल देने का फैसला हिंदू महासभा ने वापस लिया और पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बचाने के लिए 55 करोड़ रुपए भारत सरकार को देने पड़े। मंदर ‘कारवाने मोहब्बत’ संस्था का संचालन करते हैं। वे देश में दो साल में 14 प्रदेश में 28 जगह नफरत का शिकार हुए परिवारों के बीच जाकर उन्हें हिम्मत देने का काम कर रहे हैं। मंदर ने कहा, आज देश में हर दूसरा हिंदुस्तानी 25 साल से कम उम्र का युवा है, ऐसा विश्व इतिहास में न कभी हुआ है और न होगा, क्योंकि परिवार छोटे हो रहे हैं।

हिंसा कर खुद बना रहे वीडियो

मंदर ने साध्वी प्रज्ञा का नाम लिए बिना कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में एक ऐसी महिला चुनाव जीत गई, जिसे पहले आंतकवाद में आरोपित माना गया और फिर बिना सजा के छूट गई। आज देशभर में मॉब लिचिंग की घटनाएं बढ़ी हैं, घटना को अंजाम देने वाले ही वीडियो बनाकर वायरल कर रहे हैं। इसकी वजह है, उन्हें पता है कि कुछ नहीं बिगड़ेगा। साथ ही हीरो बनूंगा, कोई दल टिकट या बड़ा पद दे देगा।

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