कोर्ट के आदेश के बाद भी शिप्रा में कैसे मिल रहे हैं नाले, जवाब दे बोर्ड : हाई कोर्ट

- अफसरों के खिलाफ लगी अवमानना याचिका पर सुनवाई - चार सप्ताह में प्रदुषण बोर्ड से शपथ पत्र के साथ मांगी स्टेटस रिपोर्ट,

By: Narendra Hazare

Published: 10 Nov 2016, 11:45 PM IST


इंदौर. उज्जैन की मोक्ष दायनी शिप्रा नदी को स्वस्छ रखने के लिए हाई कोर्ट द्वारा सख्त आदेश देने के बाद अब भी उसमें गंदे नाले मिलने को लेकर हाई कोर्ट में लगी अवमानना याचिका पर गुरुवर को जस्टिस पीके जायसवाल और जस्टिस वीरेंद्र सिंह की कोर्ट में सुनवाई हुई।

नदी में मिल रहे नालों से जुड़े फोटो और वीडियो देखने के बाद कोर्ट ने मप्र प्रदुषण बोर्ड से चार सप्ताह में नदी की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने इस मामले में बोर्ड के रीजनल डायरेक्टर से शपथ पत्र पेश करने के भी आदेश दिए हैं। अगली सुनवाई 13 दिसंबर को होगी। अप्रैल-मई में उज्जैन में हुए सिंहस्थ के लिए जिस नदी को शुद्ध करने के लिए सरकार ने करोड़ों रुपए खर्च किए थे वह नदी अब फिर पहले जैसी गंदी स्थिति में आ गई है।

नदी कई गंदे नाले मिल रहे हैं, पानी गंदा होने के साथ बदबू भी मार रहा है। गुरुवार को याचिकाकर्ता बाकिर अली की ओर से उनकी वकील ने नदी की हालिया स्थिति से जुड़े तस्वीरें भी पेश की हैं। पिछले सिंहस्थ के लिए शिप्रा शुद्धिकरण को लेकर 12 साल पहले हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश का पालन नहीं करने पर यह अवमानना याचिका दायर की गई है।

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