WORLD POPULATION DAY : अब भी नहीं संभले तो 2021 में विकट हो जाएंगे इस शहर के हालात

WORLD POPULATION DAY : अब भी नहीं संभले तो 2021 में विकट हो जाएंगे इस शहर के हालात

Hussain Ali | Updated: 11 Jul 2019, 12:41:47 PM (IST) Indore, Indore, Madhya Pradesh, India

केंद्रीय गृह मंत्रलाय ने 10 साल में शहर की आबादी में 32.88 % वृद्धि दर्ज की, सिमटती गई आमजन की सुविधाएं

 

इंदौर. आज विश्व जनसंख्या दिवस है। शहर में जिस तेजी से जनसंख्या बढ़ रही है, उस लिहाज से शहर में सुविधा व संसाधन नहीं जुट पा रहे हैं। साल दर साल कामकाजी लोगों की संख्या में इजाफा हो रहा है। वाहनों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर बेहतर परिवहन के लिए सडक़ों का जाल तेजी से बिछ रहा है, लेकिन ये सुविधाएं बढ़ती जनसंख्या के लिहाज से नाकाफी हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो वे बयां करते हैं कि शहर में जितनी सुविधाएं बढ़ीं, उससे कहीं ज्यादा आबादी में बढ़ोतरी हो गई।

केंद्रीय गृह मंत्रलाय ने 10 साल में शहर की आबादी में 32.88 % वृद्धि दर्ज की है। इस दौरान आमजन को मिलने वाली सुविधाएं सिमटती चली गईं। संतुलित विकास की नीति नहीं होने से ये स्थिति निर्मित हो रही है। यदि अभी भी सही नीति नहीं बनाई गई तो 2021 में हालात ज्यादा विकट होंगे। हाल ही में हुए विधानसभा और लोकसभा चुनाव में आयोग द्वारा इंदौर की संभावित आबादी 39 लाख से अधिक मानी गई। यानी आबादी की वृद्धि दर 2.5 % रही।

indore

जिले की आबादी 39 लाख के पार पहुंची

2011 में जिले की जनसंख्या 32,76,697 थी, जिनमें पुरुष 16,99,627 व महिला 15,77,070 थी। वहीं 2019 में जिले की आबादी 39,82,206 है। इनमें पुरुष 20,51,216 व महिला 19,30,990 हो गई यानी आठ साल में जिले की आबादी में 7,05,509 लोगों की वृद्धि हुई।

आबादी के साथ शहर का बढ़ा दायरा

आठ सालों में शहर का आकार भी बढ़ा। साल 2011 में शहर का क्षेत्रफल 135 वर्गमीटर था और आबादी 19,64,068 थी। शहरी सीमा में 29 गांव को शामिल किए जाने के बाद शहर का दायरा 272 वर्गमीटर हो गया और आबादी 21,95,274 हो गई। वार्ड संख्या 69 से बढक़र 85 हो गई।

जिले की आबादी
2011 ----- 32,76,697
2001 ----- 24,65,827
2019 ----- 39,82,206
संभावित

शहर में खुद के आवास
2011 ----- 4.26 लाख लोगों के पास
2001 -----5.23 लाख लोगों के पास

शहर में बेघर
2011 ----- 3866 परिवार
2001 ----- 24000 परिवार

नगरीय निकाय अभी भी हजारों लोगों को छत नहीं दे पाया।

शहर में वाहन
2011 ----- 15,67,735 परिवार
2001 ----- 6,50,000 परिवार
वाहनों की संख्या बढ़ी पर शहर में पार्किंग की समस्या का समाधान नहीं।

2021 में यह 35 से 40 लाख हो जाएगी आबादी

इंदौर जिले की तीन दशक में आबादी 43% की दर से बढ़ी है। 2021 में यह 35 से 40 लाख हो जाएगी। हम खुद विकास कर सकते हैं, बशर्ते सरकार हमें हमारा राजस्व दे। संपत्ति, वाहन रजिस्टे्रशन सभी का पैसा इंदौर को मिले।
किशोर कोडवानी, सामाजिक कार्यकर्ता

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