दो कंपनियों ने अनिल अंबानी की आरकाॅम के शेष कारोबार को खरीदने के लिए जतार्इ इच्छा

दो कंपनियों ने अनिल अंबानी की आरकाॅम के शेष कारोबार को खरीदने के लिए जतार्इ इच्छा

Ashutosh Kumar Verma | Updated: 27 Sep 2018, 08:43:59 AM (IST) इंडस्‍ट्री

कर्ज की भारी बाेझ तले डूबी रिलायंस कम्युनिकेशंस ने हाल ही में अपने वायरलेस बिजनेस को समेटने का फैसला किया था। वित्तीय दबावों के चलते आरकाॅम अपने स्पेक्ट्रम बेच रही है।

नर्इ दिल्ली। चार फंड वाली दो कंपनियों ने अनिल अंबानी की टेलिकाॅम कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरआर्इएल) को खरीदने की इच्छा जतार्इ है। बुधवार को इसके बारे में कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी । कर्ज की भारी बाेझ तले डूबी रिलायंस कम्युनिकेशंस ने हाल ही में अपने वायरलेस बिजनेस को समेटने का फैसला किया था। वित्तीय दबावों के चलते आरकाॅम अपने स्पेक्ट्रम बेच रही है। इसके साथ ही कंपनी अपने सब-सी केबल, इंटरनेशन फिक्सड लाइंस आैर डेटा सेंटर बिजनेस को भी बेचने जा रही है।


वार्षिक बैठक में अनिल अंबानी ने टेलिकाॅम बिजनेस को समेटने कि की थी घोषणा
आरकाॅम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिल बर्नी ने कहा, "हमारे पास दो एेसे खरीदार हैं जो हमारे बचे हुए कारोबार को खरीदने में दिलचस्प हैं। हम देखते हैं कि आने वाले महीनों में इसमें क्या प्रगति होती है।" उन्होंने आगे कहा कि खरीदार या तो 100 फीसदी खरीदी करेंगे या फिर कुछ स्टेक ही खरीदेंगे। इसी माह में ही कंपनी की वार्षिक आम बैठक में उन्होंने कहा था कि कि हम आशावादी हैं कि कंपनी की नेटवर्थ कम से कम 1 अरब डाॅलर होगी। इसी बैठक में अनिल अंबानी ने घोषणा किया था कि आरकाॅम अपने टेलिकाॅम बिजनेस को समेटकर भविष्य में रियल एस्टेट कारोबार पर ध्यान देगी। उन्होंने कहा था कि इससे इकट्ठा होने वाला पैसे उधारकर्ताआें काे वापस दिया जाएगा।


दूसरे व्यवसायों में आरकाॅम कर सकती है निवेश
बर्नी ने कहा कि खरीदारी की ये प्रक्रिया एक दिन में पूरी नहीं हाेगी। इसके लिए कुछ समय लग सकता है। हो सकता है कि इसमें कुछ महीने या साल लगे। पिछले कुछ समय में होने वाले घटनाक्रम की वजह से संभावित खरीदार अपना समय जरूर लेंगे। ये दो खरीदार चार फंडो के कंसाॅर्टियम है जो कि बोली लगाने के लिए एक साथ आगे आएं हैं। बर्नी ने कहा कि दूसरे व्यवसायों में भी कंपनी निवेश करने के बारे में सोच रही है। कंपनी के पास अपने निवेश की देखभाल करने के लिए पर्याप्त मात्रा में कैपिटल उपलब्ध है। विषम वित्तीय संकट के दौर से गुजर रही आरकाॅम ने अपने वायरलेस बिजनेस को बंद कर दिया था इौर इसके साथ ही अपने स्पेक्ट्रम परिसंपत्तियों को रिलायंस जियो को बेचने की घेषणा की थी।

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