Arcelormittal ने standard chartered के दावे का किया खंडन, कहा- हम Essar Steel को 42 हजार करोड़ रुपए नकदी में दे रहे

  • एस्सार स्टील के रिजॉल्युयशन प्लान के तहत 42,000 करोड़ रुपए देगी आर्सेलर मित्तल।
  • स्टैंडर्ड चार्टर्ड के दावे का किया खंडन।
  • वरिष्ठ वकील हरिश साल्वे ने एनसीएलएटी को दी जानकारी।

By: Ashutosh Verma

Published: 21 May 2019, 01:04 PM IST

नई दिल्ली। पिछले दिन यानी सोमवार को आर्सेलरमित्तल ( ArcelorMittal ) ने स्टैंडर्ड चार्टर्ड ( Standard Chartered ) के उस दावे का खंडन किया जिसमें कहा गया था कि एस्सार स्टील ( Essar Steel ) के अधिग्रहण के लिए आर्सेलरमित्तल 39,500 रुपए ही देगी। सोमवार को आर्सेलर मित्तल ने इस बारे में नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्युनल ( nclat ) को जानकारी दी। आर्सेलरमित्तल ने कहा कि वो रिजॉल्युशन प्लान के तहत 42,000 करोड़ रुपए का नकदी का भुगतान करेगी, जिसमें 2,500 करोड़ रुपए वर्किंग कैपिटल के तौर पर होगा।

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हरीश साल्वे ने एनसीएलएटी को दी जानकारी

आर्सेलरमित्तल की तरफ से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा, "हम 42,000 करोड़ रुपए नकदी में जमा कर रहे हैं। गलत जानकारी दी जा रही है कि हम ऐसा नहीं कर रहे हैं। साथ ही हम 2,500 करोड़ रुपए वर्किंग कैपिटल के तौर पर भी जमा कर रहे हैं। अकाउंटिंग पर्पज के लिए हम 2,500 करोड़ रुपए वर्किंग कैपिटल के बारे में बात करे हैं। यह अकाउंट से ही संबंधित जानकारी है।" साल्वे ने कोर्ट में एस्सार स्टील के पूर्व प्रोमोटर्स रूइया पर यह आरोप भी लगाया कि वे कर्ज के बोझ में डूबी एस्सार स्टील के रिजॉल्युश प्रक्रिया में बेवजह अड़ंगा डाल रहे हैं।

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क्रेडिटर्स के बीच बराबर में बंटेगी रकम

साल्वे ने यह भी कहा कि एनसीएलटी और उधारकर्ता एस्सार स्टील के क्रेडिटर्स के बीच में फंड बांटने के बारे में फैसला लेंगे। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस फंड को फाइनेंशियल क्रेडिटर्स और ऑपरेशनल क्रेडिटर्स के बीच में बराबार बांटा जाना चाहिए। इस मामले में एनसीएलएटी आज भी सुनवाई करेगा। बता दें कि रिजॉल्युशन प्रक्रिया के दौरान आर्सेलरमित्तल को 2,500 करोड़ रुपए वर्किंग कैपिटल मुहैया कराना अनिवार्य है, भले ही कंपनी को मुनाफा हो रहा हो या नहीं।

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