भारत से बोतलों का कारोबार समेटना चाहती है Coca-Cola जानिए क्या है वजह

भारत से बोतलों का कारोबार समेटना चाहती है Coca-Cola जानिए क्या है वजह

Ashutosh Kumar Verma | Updated: 24 Jun 2019, 02:06:19 PM (IST) इंडस्‍ट्री

  • वैश्विक स्तर पर बॉटलिंग कारोबार को छोडऩा चाहता है Coca-Cola।
  • हिंदुस्तान कोका-कोला बीवरेज करती है बॉटलिंग।
  • HCCB के 18 प्लांट्स में होती है दो तिहाई बॉटलिंग।

नई दिल्ली। कोका कोला ( coca cola ) ने भारत में अपने बॉटलिंग कारोबार को समेटने की तैयारी करने का फैसला लिया है। यह दिगगज कंपनी वैश्विक स्तर पर अपनी बॉटलिंग प्रक्रिया को रिफ्रैंचाइज करना चाहती है। भारत में कोका-कोला के सभी प्रोडकट्स की बॉटलिंग हिंदुस्तान कोका-कोला बीवरेज ( Hindustan Coca-Cola Beverages ) करती है।


HCCB के 18 प्लांट्स में होती है कोका-कोला की बॉटलिंग

विनिवेश के लिए इस दिग्गज कंपनी ने स्वतंत्र बॉटलिंग फ्रेंचाइजी से शुरुआती बातचीत में जुटी हुई है। कंपनी के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने इसके बारे में जानकारी दी। उम्मीद की जा रही है कि बहुत जल्द ही इस प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पूरा कर लिया जाएगा। कंपनी ने यह प्लान लंबी अवधिक को ध्यान में रखते हुए बनाया है। पूरे देशभर में HCCB के कुल 18 प्लांट्स हैं। इन प्लांट्स में भारतीय बाजार में पहुंचाये जाने वाले कुल कोका-कोला प्रोडकट्स की दो-तिहाई की बॉटलिंग इन्हीं 18 प्लांट्स पर होती है।

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Coca Cola

कंपनी ने नहीं की कोई टिप्पणी

इसके अतिरिक्त कंपनी के पास 13 स्वतंत बॉटलिंग पार्टनर्स भी हैं। हालांकि कोका कोला के एक प्रवक्ता ने इसपर कोई टिप्पणी नहीं दी है। उन्होंने बस इतना कहा कि हमारी मौजूदा बॉटलिंग सिस्टम दुरुस्त तरीके से काम कर रही है। इसे लेकर भविष्य में हमारा कोई प्लान नहीं है।


HCCB की अच्छी रही है रेवेन्यू

पिछले महीने ही कोका-कोला ने घोषणा किया था कि अफ्रीका में ब्रॉटलिंग रिफ्रेंचाइज प्लान को ड्रॉप कर दिया है। कंपनी ने कहा था कि फिलहाल हम इस कारोबार में अधिकतर स्टेक अपने पास ही रखेंगे। रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी की फाइलिंग के अनुसार, वित्त वर्ष 2018 तक एचसीसीबी को 9,082 करोड़ रुपये की रेवेन्यू जुटाने में कामयाब रही है।

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