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नोटबंदी से डिजिटल पेमेंट, इंश्योरेंस, पीएसयू, रिस्क मैनेजमेंट कंपनियों को लाभ 

पेटीएम, मोबिक्विक, ऑक्सीजन, फिनटेक जैसी डिजिटल पेमेंट कंपनियों के साथ ही रिस्क मैनेज करने वाली कंपनियों, इंश्योरेंस, एक्सचैंज आदि को इसका खूब लाभ मिल रहा है। लंबे समय से सुस्त बैंकिंग सिस्टम में भी इससे जान आ गई है। 

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umanath singh

Dec 08, 2016

demonetisation

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नई दिल्ली. नोटबंदी के कारण कई सेक्टर के जहां खस्ताहाल होने और उनमें जॉब जाने की खबर है, वहीं कुछ ऐेसे भी सेक्टर हैं, जहां इसके अच्छे असर दिख रहे हैं और नौकरियों के नए अवसर निकल रहे हैं। पेटीएम, मोबिक्विक, ऑक्सीजन, फिनटेक जैसी डिजिटल पेमेंट कंपनियों के साथ ही रिस्क मैनेज करने वाली कंपनियों, इंश्योरेंस, एक्सचैंज आदि को इसका खूब लाभ मिल रहा है। लंबे समय से सुस्त बैंकिंग सिस्टम में भी इससे जान आ गई है और आने वाले दिनों में बैंकों को इसका खासा लाभ मिलने की संभावना है। डिजिटल पेमेंट कंपनियों में तो रोजगार के हजारों अवसर निकल रहे हैं। इन कंपनियों में कॉमन सर्विस सेंटर और पेमेंट सेंटर जैसे बिजनेस के अवसर भी निकल रहे हैं। पेटीएम ऑफलाइन मर्चेंट नेटवर्क पर फोकस करते हुए 10 हजार एजेंट्स बनाने जा रही है। यह संख्या साल के आखिर तक बढ़कर २० लाख हो सकती है। वहीं, मोबिक्विक के फाउंडर सीईओ मनप्रीत सिंह ने पत्रिका को बताया कि नोटबंदी के बाद से कंपनी ने करीब १०,००० लोगों को फील्ड में रोजगार दिया है।

वॉलेट कंपनियों की चांदी

2016 में मोबाइल वॉलेट मार्केट जहां 154 करोड़ रुपए का है, वहीं 2020 तक इसके 30 हजार करोड़ रुपए के हो जाने की संभावना है। इससे एम-वॉलेट ट्रांजैक्शन के वर्तमान 20,600 करोड़ रुपए से बढ़कर 55 लाख करोड़ के होने का अनुमान है। नोटबंदी के बाद से वॉलेट के जरिए कैशलेस ट्रांजैक्शन 10 गुना से अधिक बढ़ गया है। सरकार कैशलेस सोसाइटी बनाने के लिए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने की लगातार कोशिश कर रही है। ८ दिसंबर यानी बीते कल भी सरकार ने डेबिट और क्रेडिट कार्ड से २००० रुपए तक के ट्रांजैक्शन को सर्विस टैक्स मुक्त करने का फैसला लिया। इसका व्यापक असर डिजिटल क्षेेत्रों की कंपनियों में देखने को मिलेगा।

इन कंपनियों की बढ़ी शेयर वैल्यू

न्यूक्लीयस सॉफ्टवेयर के शेयरों की प्राइस में पिछले एक सप्ताह के दौरान ही ४० फीसदी से अधिक का इजाफा हो चुका है। इसी तरह, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, एमसीएक्स, एसजेवीएन, गुजरात इंड पॉवर, पॉवर ग्रिड कॉप ऑफ इंडिया, स्र्टलाइट टेक्नोलॉजीज और एनटीपीसी के शेयरों में भी इस दौरान २० फीसदी की तेजी देखी गई। ट्रेडस्विफ्ट ब्रॉकिंग प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर संदीप जैन ने पत्रिका को बताया कि डिजिटल ट्रांजैक्शन से जुड़ी कंपनियों के साथ ही इंश्योरेंस और पीएसयू कंपनियों को भी नोटबंदी से मजबूती मिलेगी। मोतीलाल ओसवाल रिसर्च फर्म की नवीनतम रिपोर्ट ने भी कहा है कि ऑयल एंड गैस, टेक्रोलॉजी, यूटिलिटी, हेल्थकेयर, कैपिटल गुड्स, टेलिकॉम के नोटबंदी से अच्छे दिन आएंगे।

नोटबंदी के अन्य लाभ

संदीप जैन ने बताया कि नोटबंदी के व्यापक मनोवैज्ञानिक असर होंगे। इसके कारण गवर्नेंस के साथ ही टैक्स कंप्लायंस पर भी होगा। सरकार के पास अधिक टैक्स आएंगे, जिसका उपयोग वह वेल्फेयर प्रोग्राम के साथ ही इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टर पर कर पाएगी।

ऑफलाइन मर्चेंट्स

ईपेमेंट कंपनियां नोटबंदी के बाद से डिजिटल वॉलेट में बढ़ते ट्रांजैक्शन को देखते हुए ऑफलाइन मर्चेंट नेटवर्क पर भी फोकस कर रही है। पेटीएम इसके लिए 10 हजार एजेंट्स बनाएगी। कंपनी इनकी संख्या बढ़ाकर इस साल के आखिर तक 20 लाख कर देगी। आप भी चाहें तो पेटीएम या किसी और ऐसी कंपनी के साथ मिलकर काम कर सकते हैं। पेटीएम, मोबीक्विक, ऑक्सीजन, इट्जकैश जैसी कंपनियां ऑफलाइन मर्चेंट्स बनाने के लिए नए-नए प्लान लेकर भी आने वाली हैं।

जॉब और बिजनेस अवसर एक साथ

डिजिटल पेमेंट सॉल्यूशन सेक्टर में कॉमन सर्विस सेंटर, पेमेंट सेंटर से लेकर बिजनेस कॉरस्पाडेंट जैसे बिजनेस के अवसर और जॉब निकल रहे हैं। नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया जल्द बिल पेमेंट सिस्टम शुरू करने जा रहा है। इसके जरिए लोग बिजली बिल, टेलिफोन बिल, हाउस टैक्स, वॉटर टैक्स, डीटीएच रिचार्ज, मोबाइल बिल सहित सभी अन्य बिल और किसी भी तरह का पेमेंट सिर्फ एक ही सेंटर के जरिए कर सकेंगे।