अब बिना परमिट चल सकेंगे स्वच्छ ईंधन वाले वाहन, नहीं लगाने होंगे आरटीओ के चक्कर

अब बिना परमिट चल सकेंगे स्वच्छ ईंधन वाले वाहन, नहीं लगाने होंगे आरटीओ के चक्कर

Manoj Kumar | Publish: Sep, 06 2018 06:48:10 PM (IST) इंडस्‍ट्री

ग्रीन फ्यूल इथेनॉल, मिथेनॉल, बायो सीएनजी और इलेक्ट्रिक से चलने वाली गाड़ियों को परमिट की जरूरत नहीं होगी।

नई दिल्ली। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि वाहनों से उत्सर्जित प्रदूषण को कम करने और पर्यावरण के अनुकूल स्वच्छ ईंधन से चलने वाले सभी प्रकार के वाहनों को अब परमिट की जरूरत नहीं होगी। गडकरी ने दिल्ली में वाहन निर्माता कंपनियों के शीर्ष संगठन सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स (सियाम) की 58वीं वार्षिक बैठक के शुभारंभ के मौके पर यह घोषणा करते हुए कहा कि ग्रीन फ्यूल इथेनॉल, मिथेनॉल, बायो सीएनजी और इलेक्ट्रिक से चलने वाली गाड़ियों को परमिट की जरूरत नहीं होगी। इस निर्णय से परिवहन क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन आएगा। केंद्रीय मंत्री ने वाहन निर्माता कंपनियों से इसमें सहयोग करने की अपील करते हुये कहा कि स्वच्छ ईंधन से चलने वाले वाहनों के निर्माण के लिए कंपनियों को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि ऑटोमोबिल इंडस्ट्री जल परिवहन में पैसा लगाए। ईंधन की निर्यात लागत कम करने के लिए बायो फ्यूल और इलेक्ट्रिक से चलने वाले वाहनों की निर्माता कम्पनिया आगे आएं।

उद्योग के लिए नए कारोबार के रास्ते खुलेंगे

गडकरी ने कहा कि स्वच्छ ईंधन चालित वाहनों की परमिट की अनिर्वायता खत्म करने से उद्योग के लिए नए कारोबार का रास्ता खुलेगा। उन्होंने साथ ही बताया कि मेट्रो सिटी के अलावा अन्य शहरों में चलने वाले किसी भी दोपहिया वाहन को टैक्सी के रूप में चलाया जा सकता है और इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इंडस्ट्री को विविध और आर्थिक रूप से सक्षम नए कारोबारों की ओर देखना चाहिये। उन्होंने कहा कि सरकार अबाध और तेज ट्रैफिक सुनिश्चित करने के लिये स्पीड गवर्नर हटा रही है। अब हमें इसकी जरूरत नहीं क्योंकि सरकार अच्छी सड़कें बना रही हैं। इंडस्ट्री को वाहनों के बेहतर इंजन वाले मॉडल को सुनिश्चित करना चाहिए और उच्च प्रदर्शन वाले वाहनों का निर्माण करना चाहिए। सरकार बायो ईंधन के विकास पर जोर दे रही है।

जल्द आएगी नई परिवहन नीति

इस मौके पर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बीएस-6 के उत्सर्जन मानकों के बारे में जानकारी दी और इंडस्ट्री को इससे होने वाले लाभ के बारे में बताया। भारी उद्योग मंत्री अनंत गीते ने आश्वासन दिया कि सरकार जल्द ही नई वाहन नीति लाएगी। उन्होंने बताया कि कोई भी नीति जल्दबाजी में नहीं बनाए जानी चाहिए और नीति को अंतिम रूप देने से पहले उसके प्रत्येक पहलू पर इंडस्ट्री से चर्चा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लेकर आपकी चिंताओं को समझते हैं। इंडस्ट्री को इसके प्रति कोई भय नहीं होना चाहिए। परिवर्तन के दौर से गुजरते हुए भी उपभोक्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखना होगा। नयी नीति इंडस्ट्री, उपभोक्ता और पर्यावरण के अनुकूल होगी। समय के साथ परिवर्तित होने की जरूरत है। अगर ऐसा नहीं करेंगे तो पीछे रह जाएंगे। यहां इंडस्ट्री का विकास सुनिश्चित करने के लिए हैं।

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