खत्म हो सकती है 'महाराजा' की सरकारी ठाट, 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में सरकार

खत्म हो सकती है 'महाराजा' की सरकारी ठाट, 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में सरकार

Ashutosh Kumar Verma | Publish: Jul, 07 2019 06:37:19 PM (IST) इंडस्‍ट्री

  • एअर इंडिया में 100 फीसदी हिस्सेदारी बेच सकती है सरकार।
  • मंत्रियो का पैनल लेगा अंतिम फैसला।
  • Air India में पहले भी हिस्सेदारी बेचने का प्रयास कर चुकी है सरकार।

नई दिल्ली। कर्ज के बोझ में डूबी सरकारी विमान कंपनी एअर इंडिया ( air india ) को बेचने के लिए केंद्र सरकार ( Central government ) ने नए सिरे से विचार करना शुरू कर दिया है। अब एअर इंडिया में सरकार 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है। हालांकि, अभी इस संबंध में अंतिम फैसला मंत्रियों के पैनल द्वारा ही लिया जायेगा।

डिपार्टमेंट आफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेज मैनेजमेंट ( DIPAM ) सचिव अतानु चक्रवर्ती ने इस संबंध में जानकारी दी है। च्रकवर्ती ने कहा, "सरकार का मानना है कि अगर निवेशक कंपनी की पूरी हिस्सेदारी खरीदना चाहते हैं तो ठीक है। लेकिन मैं इस संबंध में तभ बताऊंगा, जब इसपर अंतिम फैसला ले लिया जायेगा। मैं व्यक्तिगत तौर पर मानना है कि मैं इसमें सरकार की तरफ से कोई अड़चन नहीं देखता हूं।"


नीति आयोग भी दे चुका है 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव

गौरतलब है कि इस एअर इंडिया को बेचने के लिए सरकार बीते एक साल से भी अधिक समय से प्रयास कर रही है। बाद में सरकार ने एअर इंडिया की बिक्री को होल्ड पर रख दिया था। सरकार ने इसे होल्ड पर रखने का कारण कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता बताया था। सरकारी की थिंकटैंक माने जोन वाली नीति आयोग ने एअर इंडिया की पूरी हिस्सदेारी बेचने को प्रस्ताव दिया था। सरकार ने एक रणनीतिक निवेशको को 74 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की पेशकश की थी। बाद में इसे ही न बिकने का कारण बताया गया था। अब सरकार ने एअर इंडिया में 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का फैसला लिया है।

हालांकि, एअर इंडिया में कितनी फीसदी हिस्सेदारी बेची जाएगी, इस संबंध में मंत्रियों का पैनल ही अंतिम फैसला लेगा। सरकार का लक्ष्य है कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक एअर इंडिया की बिक्री करनती है। चक्रवर्ती ने आगे कहा, "हम अब इसे जल्द से जल्द अंजाम देना चाहते हैं और बहुत सारा पेपर वर्क कर लिया गया है।"


वित्त मंत्री ने बजट भाषण में एअर इंडिया को लेकर क्या कहा

गौरतलब है कि एयर इंडिया में हिस्सेदारी बेचने की बात को दोहराते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में एविएशन सेक्टर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की ऊपरी सीमा की समीक्षा करने की भी घोषणा की थी, जो फिलहाल 49 फीसदी है। वित्त मंत्री के इस कदम से विदेशी विमानन कंपनियों को भारतीय विमानन कंपनियों में अधिक से अधिक हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी मिलेगी।

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