
नई दिल्ली। जीएसटी काउंसिल की आज 23वीं बैठक होने जा रही हैं। इस बैठक में व्यापारियों और मध्यम वर्ग को थोड़ी राहत मिल सकती हैं। इस बैठक में रोजाना इस्तेमाल होने वाली कई वस्तूओं को 28 फीसदी के उच्चतम टैक्स स्लैब से बाहर किया जा सकता हैं। आज के सबसे बड़ी बातों में से एक इस पर भी चर्चा हो सकती हैं कि, कार्ड या इलेक्ट्रॉनिक वॉलेट से पेमेंट को जीएसटी से बाहर कर दिया जाए। सरकार ऐसा सिस्टम को पहले से अधिक पारदर्शी बनाने और नगदी में होने वाले लेन-देन का कम करने के लिए कर सकती हैं।
कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देने की एक और कोशिश
सूत्रों के मुताबिक, इस सिस्टम को कुछ इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि लोगों को रेस्तरां में कैशलेस ट्रंाजेक्शन करने पर कम टैक्स देना पड़े। वहीं यदि आप कंज्यूमर ड्यूरेबल्स खरीदने पर भी आपको डिजिटल पेमेंट के दौरान टैक्स में छूट दिया जाए। सरकार के पास इस बदलाव करने के कई कारण हो सकते हैं। पिछले साल नोटबंदी के बाद से ही सरकार कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने की लगातार कोशिश कर रही हैं। वहीं विपछी दलों के हमले का जवाब देेने के लिए और कई राज्यों में चुनावी दौर के बीच सरकार जनता के बीच अपना माहौल बनाने के लिए ऐसा फैसला ले सकती हैं।
पेट्रोल पंप पर डिजिटल पेमेंट पर मिलता है कैशबैक
आपको पता हो कि, कैशलेस योजना को बढ़ावा देने के लिए पहले से ही पेट्रोल पंप पर कार्ड से पेमेंट करने पर कैश बैक के जरिए लोगों को इसका फायदा पहुंचाया जा रहा हैं। हालांकि इसे अभी किसी अन्य कैटेगरी में शामिल नहीं किया गया हैं। अभी कई रिटेलर्स और सर्विस प्रोवाइडर कार्ड स्वीकार करने में कठिनाई दिखाते हैं और कै श को एक बेहतर विकल्प मानते हैं, खासकार छोटे व्यापारी। ऐसे में कार्ड से पेमेंट करने पर टैक्स छूट का ऑफर देकर सरकार ऐसे लोगों को लुभाने की एक कोशिश कर सकती हैं। सरकार को इसके बाद उम्मीद होगी की, लोग कैशलेस पेमेंट को प्राथमिकता दें।
Published on:
10 Nov 2017, 11:48 AM IST
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