रूचि सोया के अधिग्रहण से एक कदम दूर पतंजलि आयुर्वेद, जल्द ही करेगी घोषणा

रूचि सोया के अधिग्रहण से एक कदम दूर पतंजलि आयुर्वेद, जल्द ही करेगी घोषणा

Ashutosh Kumar Verma | Updated: 11 Apr 2019, 05:17:41 PM (IST) इंडस्‍ट्री

  • मंगलवार को हुई थी कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स की बैठक।
  • रूचि सोया के अधिग्रहण के करीब पहुंची पतंजलि आयुर्वेद।
  • अडानी विल्मर ने भी जताई थी रूचि सोया में रूचि।

नई दिल्ली। रूचि सोया के अधिग्रहण प्रक्रिया के प्रस्ताव को लेकर बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद ( Patanjali Ayurved ) अब अंतिम चरण तक पहुंच चुकी है। मामले से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार को कंपनी की बैठक केमटी ऑफ क्रेडिटर्स ( committee of creditors ) के साथ बैठक हुई है। अधिकारियों ने बताया, "संभव है कि इसी माह इस डील के पूरा होने की घोषणा भी कर दी जाए।" पतंजलि आयुर्वेद के प्रवक्ता एसके तिजारवाला ने भी मंगलवार को कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स के साथ बैठक के बारे में जानकारी दी। हालांकि, उन्होंने आगे किसी अन्य जानकारी के देने से मना कर दिया।


अडानी विल्मर ने भी बिडिंग में दिखाई थी रूचि

पिछले माह ही, योग गुरू बाबा रामदेव की अगुवाई वाली पतंजलि आयुर्वेद ने कर्ज की बोझ में डूबी रूचि सोया के अधिग्रहण के लिए अपने बिड को रिवाइज किया था। कंपनी ने इसके लिए पहले 4,100 करोड़ रुपए की बिड लगाई थी, जिसे बाद में 200 करोड़ रुपए बढ़ाकर 4,350 करोड़ रुपए कर दिया गया। इस 4,350 करोड़ रुपए में से, 115 करोड़ रुपए कंपनी की इक्विटी के तौर पर होगा जबकि 4,235 करोड़ रुपए वित्तीय क्रेडिटर्स में बांटा जाएगा। रूचि सोया को सबसे अधिक कर्ज देने के मामले में भारतीय स्टेट बैंक ( SBI ) और आईडीबीआई बैंक ( IDBI Bank ) हैं। बता दें कि इस कंपनी की बिडिंग में अडानी विल्मर भी शामिल हुई थी। बाद में अडानी विल्मर ( Adani Wilmar ) ने दिवालिया प्रक्रिया में देरी का कारण बताते हुए इस बिड से अपना नाम वापस ले लिया था।


कर्ज के बोझ में डूबी है रूचि सोया

इस मामले से जुड़े एक अन्य अधिकारी ने बताया, "आगामी कुछ दिनों में पतंजलि 4,235 करोड़ रुपए क्रेडिटर्स को बांटने के बारे में पूरी जानकारी देगी। अप्रैल माह के तीसरे सप्ताह में कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स की बैठक होगी।" पैकेज्ड फूड बनाने वाली कंपनी रूचि सोया पर कुल 12,000 करोड़ रुपए का कर्ज है। नटेला, महाकोश, सनरिच, रूचि स्टार और रूचि गोल्ड जैसी कंपनियां इस इसकी ईकाई हैं।

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