देश में लगेंगे 10 हजार सीएनजी स्टेशन, आपके पास भी है आवेदन का मौका

देश में लगेंगे 10 हजार सीएनजी स्टेशन, आपके पास भी है आवेदन का मौका

Manoj Kumar | Publish: Sep, 08 2018 07:42:57 PM (IST) इंडस्‍ट्री

पेट्रोलियम मंत्री का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग में तेजी आने के बावजूद भारत में अभी तेल शोधन बनाने की जरूरत है।

नई दिल्ली। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने स्वच्छ, सक्षम और किफायती मोबिलिटी तंत्र बनाए जाने पर बल देते हुए शनिवार को कहा कि गैस आधारित परिवहन सॉल्युशन प्रदान करने के लिए सीएनजी, एलएनजी और बॉयो सीएनजी के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रधान ने दिल्ली में शनिवार को संपन्न दो दिवसीय वैश्विक मोबिलिटी शिखर सम्मेलन ‘मूव’ में कहा कि वैश्विक स्तर पर ईंधन के उपयोग में बदलाव आने के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की खपत में वार्षिक पांच फीसदी की बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग में तेजी आने के बावजूद भारत में अभी तेल शोधन बनाने की जरूरत है।

10 साल में लगाए जाएंगे सीएनजी स्टेशन

स्वच्छ उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में बीएस चार के बाद सीधा बीएस 6 मानकों को अपनाया जा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस वर्ष अप्रैल से ही बेहतर ईंधन का उपयोग हो रहा है। सरकार ने भारी व्यावसायिक वाहनों के लिए ईंधन दक्षता मानकों को लागू किया गया है। उन्होंने गैस आधारित परिवहन समाधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि सीएनजी, एलएनजी और बॉयो सीएनजी के उपयोग को ऑटोमोबाइल क्षेत्र में बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए एक दशक के भीतर करीब 10 हजार सीएनजी स्टेशन लगाने की योजना बनायी गई।

बोले- बॉयो विमानन ईंधन और बॉयो सीएनजी नीतियां बनाई जाएंगी

लंबी दूरी के भारी व्यावसायिक वाहनों के लिए एलएनजी को ईंधन के रूप में उपयोग को बढ़ावा देने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकारी तेल कंपनियां और कुछ निजी कंपनियों ने एलएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया है। प्रधान ने कहा कि 12 बॉयो शोधन संयंत्र लगाए जा रहे हैं और 10 फीसदी ईथनॉल मिश्रण करने के लक्ष्य को हासिल करने की कोशिश की जा रही है। शीघ्र ही बॉयो विमानन ईंधन और बॉयो सीएनजी नीतियां बनाई जाएंगी। इंडियन ऑयल ने 50 हाइड्रोजन सीएनजी बसों को अगले वर्ष चलाने के लिए दिल्ली सरकार से करार किया है।

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