18 महीने बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज पर नहीं रहेगा 1 रुपये का भी कर्ज, ये रहा मुकेश अंबानी का प्लान

  • पिछले वित्त वर्ष में रिलायंस इंडस्ट्रजी पर 1,54,478 करोड़ रुपये के का कर्ज था।
  • रिलायंस जियो और रिटेल वेंचर रिलायंस रिटेल जल्द ही कंपनी की कमाई में 50 फीसदी योगदान की उम्मीद।

By: Ashutosh Verma

Updated: 12 Aug 2019, 06:57 PM IST

नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ( RIL ) के प्रमुख मुकेश अंबानी ने सोमवार को कहा कि 18 महीनों में समूह को शून्य शुद्ध कर्ज वाली कंपनी बनाने की एक स्पष्ट कार्य योजना तैयार है। यह बयान समूह स्तर पर बढ़ते कर्ज के मद्देनजर आया है, जो पिछले वित्त वर्ष में 1,54,478 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।


जियो व रिटेल वेंचर की भी बढ़ेगी उम्मीद

मुंबई में समूह की 42वीं एजीएम को संबोधित करते हुए, अंबानी ने कहा कि उन्हें अगले पांच वर्षों में कंपनी की समेकित आय 15 फीसदी सालाना बढऩे का भरोसा है। उन्होंने कहा कि समूह की टेलीकॉम वर्टिकल रिलायंस जियो और रिटेल वेंचर रिलायंस रिटेल जल्द ही कंपनी की कमाई में 50 फीसदी योगदान करेंगे।

आरआईएल के प्रमुख ने शेयरधारकों को आश्वासन दिया कि समूह के कर्जमुक्त हो जाने पर उन्हें आवधिक बोनस इश्यू और उच्च लाभांश प्राप्त होना जारी रहेगा।

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पिछले एक साल में शेयर बाजार में कैसा रहा कंपनी का प्रदर्शन

जुलाई 2018 में अंतिम एजीएम के बाद से कंपनी के शेयरों में 20 फीसदी की वृद्धि हुई है, लेकिन पिछले तीन महीनों में निफ्टी में 11 फीसदी की कमी आई है। पिछले एक महीने में कंपनी के शेयरों में 9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी के ऊपर 2.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक का सकल कर्ज है, क्योंकि यह पिछले कुछ वर्षों में मुख्य रूप से कोर रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल व्यवसायों को अपग्रेड करने के अलावा खुदरा, दूरसंचार और ई-कॉमर्स जैसे उपभोक्ता केंद्रित व्यवसायों में उतरी है।

वित्त वर्ष 2018-19 में कंपनी की वित्त लागत पिछले वर्ष के 8,052 करोड़ रुपये से दोगुना बढ़कर 16,495 करोड़ रुपये हो गया। समूह ने इसका जिम्मेदार मुख्य रूप से डिजिटल सेवाओं के कारोबार की शुरूआत, जामनगर में पेट्रोकेमिकल परियोजनाओं और उच्च कर्ज संतुलन को ठहराया।


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अंबानी ने एजीएम को बताया कि आरआईएल ने अपनी दूरसंचार अवसंरचना परिसंपत्तियों को बड़े वैश्विक संस्थागत निवेशकों से धन जुटाने के इरादे से 1.25 लाख करोड़ रुपये के दो अलग-अलग बुनियादी ढांचे के ट्रस्टों में स्थानांतरित कर दिया है। उन्होंने कहा, "हमें प्रतिष्ठित वैश्विक निवेशकों से मजबूत रुचि और प्रतिबद्धता मिली है और उन्हें भरोसा है कि इस वित्तीय वर्ष के अंत तक ये लेनदेन पूरा हो जाएगा। इससे पहले हमारे पिछले साल का 1,54,478 करोड़ रुपये के शुद्ध कर्ज रहा।"

 

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