भारत में 228 प्रतिशत बढ़ा स्टैंडर्ड चार्टर्ड का जोखिम वाला ऋण

2014 में 13.4 करोड़ डॉलर का ऋण जोखिम में था, यह 2015 में 227.61 फीसदी बढ़कर 2015 में 43.9 करोड़ डॉलर का हो गया

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Published: 25 Mar 2016, 01:29 PM IST

मुंबई। ब्रितानी बहुराष्ट्रीय बैंक स्टैंडर्ड चार्टर्ड का भारत में जोखिम में फंसा कर्ज पिछले साल 228 प्रतिशत बढ़कर 43.9 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया। बैंक ने लंदन स्टॉक एक्सचेंज को सौंपी एक रिपोर्ट में यह बात कही है, जिसकी प्रति उसने गुरुवार को बीएसई को दी है। बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वैश्विक स्तर पर कॅमोडिटी की कीमतों के तलहटी में पहुंचने तथा भारतीय कारोबार में जोखिम में फंसे ऋण (एनपीएल) में बढ़ोतरी से उसके परिदृश्य पर प्रभाव पड़ा है।

भारत में 2014 में 13.4 करोड़ डॉलर का ऋण जोखिम में था, यह 2015 में 227.61 फीसदी बढ़कर 2015 में 43.9 करोड़ डॉलर का हो गया। रिपोर्ट में भारत के बारे में कहा गया है कि सुस्त आर्थिक विकास, सुधार की दिशा में धीमी प्रगति, कुछ सेक्टरों में बड़े पैमाने पर ऋण का बोझ जमा हो जाने तथा स्थानीय बैंकों के पुनर्वित्तीयकरण पर कम ध्यान देने के कारण वृहद आर्थिक वातावरण चुनौतीपूर्ण है। बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वह जोखिम वाले खातों के संदर्भ में भारत में कॉर्पोरेट तथा संस्थागत क्लाइंटों एवं वाणिज्यिक क्लाइंटों का सक्रिय प्रबंधन कर रहा है।

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