सुप्रीम कोर्ट ने NBCC से मांगा जबाव, कहा- क्या वह जेपी के अटके प्रोजेक्ट्स को भी करेगी पूरा?

  • आम्रपाली के बाद जेपी के अटके प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की जिम्मेदारी NBCC को
  • सुप्रीम कोर्ट ने NBCC से इस संबध में जबाव मांगा है

By: Shivani Sharma

Updated: 05 Sep 2019, 12:07 PM IST

नई दिल्ली। आम्रपाली के अटके प्रोजेक्ट्स को एनबीसीसी के हवाले करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जेपी के प्रोजेक्ट्स को पूरी करने की जिम्मेदारी भी नेशनल बिल्डिंग कंट्रक्शन कारपोरेशन (एनबीसीसी) को दे दी है। कोर्ट की ओर से एनबीसीसी को नोटिस जारी कर इस बारे में जानकारी दी है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने एनबीसीसी से जबाव मांगा है कि क्या वह इन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की जिम्मेदारी लेगा या नहीं?


जेपी ग्रुप ने कोर्ट से मांगी मदद

जेपी ग्रुप ने कोर्ट से गुजारिश करते हुए कहा है कि उसे एक बार फिर से जेपी इंफ्राटेक को खड़ा होने का मौका देना चाहिए। इसके साथ ही कंपनी ने कहा कि वह सभी कर्जदाताों का भुगतान भी कर देगा और बैंक की ओर से लिए गए कर्ज की भी पूरी राशि चुकाने को तैयार है। कंपनी ने कोर्ट से अटके प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए तीन साल का समय मांगा है। जेपी की इस गुजारिश पर कोर्ट ने कहा कि वो पहले NBCC को सारे अधूरे प्रोजेक्ट्स देने के विकल्प पर ही विचार करना चाहता है।


ये भी पढ़ें: ICICI बैंक ने सस्ता किया कर्ज, घट गई होम और ऑटो लोन की EMI


आम्रपाली के अटके प्रोजेक्ट्स भी एनबीसीसी के पास

जेपी मामले में सुनवाई के दौरान केन्द्र सरकार ने कहा कि वो जेपी इंफ्राटेक पर करोड़ों रुपये के कर बकाये में छूट देने को राजी है, अगर एनबीसीसी इन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की जिम्मेदारी ले ले। इससे पहले, 23 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने रियल एस्टेट कंपनी आम्रपाली ग्रुप के रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी के लाइसेंस को रद्द कर दिया और सभी अटके प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की जिम्मेदारी एनबीसीसी को दे दी।


बैठक में हुआ निर्णय

केंद्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल माधवी दीवान ने कहा कि विभिन्न दावेदारों के साथ केंद्र की तीन बैठकें हुईं हैं और यह निर्णय लिया गया है कि वह जेपी समूह को टैक्स में रियायत देने और किसानों का मुआवजा बढ़ाने के लिए तैयार है बशर्ते एनबीसीसी को अधूरी परियोजनाएं पूरी करने दिया जाए।

Show More
Shivani Sharma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned