जरूरी कदम न उठाए गए तो आने वाले वक्त में हो सकती है SOS दवाइंयों की कमी

दरअसल फार्मा विभाग ने गृह मंत्रालय से निवेदन किया है कि कूरियर सेवाओं पर लगे प्रतिबंधों के कारण आने वाले समय में टियर-1 और टियर-2 शहरों में लाइफ सेविंग मेडीसिन्स की कमी हो सकती है।

By: Pragati Bajpai

Updated: 05 Apr 2020, 08:57 AM IST

नई दिल्ली: लॉकडाउन की वजह से पूरे देश में काम-काज ठहर सा गया है। ताजा खबर फार्मा सेक्टर से रिलेटड है । बताया जा रहा है कि कूरियर सेवाओं पर रोक लगी होने के कारण जल्द ही देश के कई भागों में दवाइयों की किल्लत हो सकती है । दरअसल फार्मा विभाग ने गृह मंत्रालय से निवेदन किया है कि कूरियर सेवाओं पर लगे प्रतिबंधों के कारण आने वाले समय में टियर-1 और टियर-2 शहरों में लाइफ सेविंग मेडीसिन्स की कमी हो सकती है। इसके चलते विभाग ने मंत्रालय से पैकेजिंग सामग्री की आवाजाही और कूरियर सेवाओं पर से प्रतिबंधों में ठील देने की बात कही है ।

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फार्मा विभाग के सेक्रेटरी डॉ पी डी वाघेला ने केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला पत्र लिखकर बताया है कि पैकेजिंग सामग्री (टैबलेट और कैप्सूल उत्पादन के लिए आवश्यक), बॉइलर्स को चलाने के लिए जरूरी briquettes/gases जैसे युटिलिटी कंज्यूमेबल्स और स्पेयर पार्ट इस समय ऑपरेट और आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। जिसकी वजह से आने वाले वक्त नें देश में दवाइयों की कमी पड़ सकती है । दरअसल कई बार पुलिस और स्थानीय प्रशासन इन सामानों को समझ ही नहीं पाते जिसके चलते इनकी सप्लाई मुश्किल में पड़ रही है।

पत्र में वाघेला ने केंद्रीय गृह सचिव से कहा है कि अनिवार्य दवाईयों की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए इस मुद्दे पर राज्य के अधिकारियों को तुरंत हस्तक्षेप करने की आवश्यकता है इसलिए केंद्र इस बारे में राज्य सरकारों को आवश्यक निर्देश दिये जाने की जरूरत है।

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