सोना खरीदने से पहले जान ले ये बातें

भारत में सोना की कितनी अहमियत है ये औरतों से ज्यादा शायद ही कोई बता पाए। भारत में त्योहार हो या शादी जैसा बड़ा मौका, सोना खरीदना शुभ माना जाता है।हर मौके पर सोना खरीदा जाता है। छोटी से छोटी खुशी पर लोग सोना पहनते है।

By: manish ranjan

Published: 17 Aug 2018, 02:12 PM IST

नई दिल्ली। भारत में सोना की कितनी अहमियत है ये औरतों से ज्यादा शायद ही कोई बता पाए। भारत में त्योहार हो या शादी जैसा बड़ा मौका, सोना खरीदना शुभ माना जाता है।हर मौके पर सोना खरीदा जाता है। छोटी से छोटी खुशी पर लोग सोना पहनते है। तोहफे के तौर पर या इंवेस्टमेंट के लिए सोना ही सबकी पहली पंसद है। इसकी डिमांड ज्यादा होने के कारण अक्सर लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं। इससे बचने के लिए जरूरी है कि गहनों की पहचान के कुछ बेसिक टिप्स आपको भी पता हों। आज हम आपको ऐसी ही कुछ बातों के बारे में बताने जा रहे है जिन्हें आपको सोना खरीदते वक्त ध्यान में रखना है।


आपने घर के पास की दुकान से खरीदे सोना
सोने के गहनों की खरीदारी करते हुए आप इतने उत्साहित होते हैं कि कई बार अपने उत्साह में ये भूल जाते हैं कि आपके साथ ठगी भी हो सकती है। खासतौर से त्यौहारी सीजन में ज्वेलर्स बहुत ठगी करते हैं। भीड़भाड़ और समय कम होने के कारण जिन छोटी-छोटी बातों पर आप ध्यान नहीं दे पाते, वहीं ज्वेलर्स ठगी कर देते हैं।खरीदारी से पहले अपने शहर में सोने के दाम पता कर लें।एक दुकान से नहीं, कई दुकानों से प‍ता करें। ऐसी दुकान से ही खरीदारी करें, जो आपके घर के नजदीक हो और जिस पर विश्वास करते हों।

ध्यान दें इन बातों पर
आपको कितने कैरेट का सोना लेना है, इसके बारे में पहले ही निर्णय ले लें।ध्यान रहे कि कैरट के साथ सोने के गहनों की गुणवत्ता और कीमत में अंतर आता है।सोने के गहनों की कीमत को विभाजित करके देखें। यानी कि गहने की जो भी कीमत है, उसमें मेकिंग चार्ज कितना और जीएसटी कितना है आदि। सोने का गहना खरीदने से पहले गहने का वजन जरूर देखें।

हॉलमार्क देखकर सोना खरीदें
सोना खरीदते वक्त उसकी क्वॉलिटी पर जरूर गौर करें।सबसे अच्छा है कि हॉलमार्क देखकर सोना खरीदें। हॉलमार्क सरकारी गारंटी है। हॉलमार्क का निर्धारण भारत की एकमात्र एजेंसी ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआईएस) करती है।इसका एक फायदा यह भी है कि जब आप इसे बेचने जाएंगे या रिप्लेस करने जाएंगे तो इसमें से डिप्रेसिएशन कॉस्ट नहीं काटी जाएगी।

 

हॉलमार्क को ध्यान से देखे
अगर कोई ज्वेलर आपको 24 कैरेट गोल्ड के गहने देने का दावा कर रहा है तो समझ लें कि वो फर्जी है। क्योंकि 24 कैरट सबसे शुद्ध सोना होता है और इसमें गहने नहीं बनते। क्योंकि यदि इसका गहना बना तो वह बहुत जल्दी टूट जाएगा। क्‍योंकि वो बेहद मुलायम होता है। आमतौर पर आभूषणों के लिए 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें 91.66 फीसदी सोना होता है।हॉलमार्क पर पांच अंक होते हैं। सभी कैरेट का हॉलमार्क अलग होता।कैरेट के अनुसार हॉलमार्क का नंबर : 22 कैरेट पर 916, 21 कैरेट पर 875 और 18 पर 750 लिखा होता है।इससे शुद्धता में शक नहीं रहता।

सिक्के खरीदते समय ध्यान दें
कैरेट गोल्ड का मतलब होता हे 1/24 पर्सेंट गोल्ड. यदि आपके आभूषण 22 कैरेट के हैं तो 22 को 24 से भाग देकर उसे 100 से गुणा करें। कीमत इसी पर तय होती है।(22/24)x100= 91.66 यानी आपके आभूषण में इस्‍तेमाल सोने की शुद्धता 91.66 फीसदी है।अगर सोने का सिक्का खरीद रहे हैं तो: असली और नकली सिक्कों की पहचान वे उसकी खनक से करते हैं।मेटल पर असली चांदी का सिक्का गिराने पर भारी आवाज, जबकि नकली सिक्का लोहे की तरह खनकता है। प्राचीन और विक्टोरियन सिक्के गोल व घिसे रहते हैं, जबकि नकली सिक्कों के किनारे कोर खुरदुरी रहती है।

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