बिरला ग्रुप की अल्ट्राटेक ने खरीदा जेपी असोसिएट्स का सीमेंट बिजनेस

बिरला ग्रुप की अल्ट्राटेक ने खरीदा जेपी असोसिएट्स का सीमेंट बिजनेस
ultratech cement company

Vikas Gupta | Updated: 05 Jul 2016, 06:12:00 PM (IST) इंडस्‍ट्री

अल्ट्राटेक 16,189 करोड़ रुपये की एंटरप्राइज वैल्यू पर जेपी ग्रुप का सीमेंट का बिजनस खरीदेगा।

नई दिल्ली। एवी बिड़ला ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट ने सोमवार को ज्यादा बोली लगाकर जेपी ग्रुप कासीमेंट बिजनस को खरीद लिया। अल्ट्राटेक 16,189 करोड़ रुपये की एंटरप्राइज वैल्यू पर जेपी ग्रुप का सीमेंट का बिजनस खरीदेगा ।

इसमें यूपी, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और आंध्र प्रदेश के सीमेंट प्लांट्स शामिल हैं, जिनकी प्रॉडक्शन कैपेसिटी 1.72 करोड़ टन सालाना है। अल्ट्राटेक इनके अलावा 4 एमटीपीए कैपेसिटी की ग्राइडिंग यूनिट भी जेपी ग्रुप से खरीदेगा। इस यूनिट को यूपी में लगाया जा रहा है। इस यूनिट के लिए अलग से 470 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इससे पहले इस डील में दिक्कत हो रही है।

जेपी ग्रुप के एग्जिक्यूटिव चेयरमैन मनोज गौड़ ने रिवाइज्ड डील के बाद बताया कि हम कर्ज कम करने के लिए कमिटेड हैं। इकनॉमिक स्लोडाउन के चलते ग्रुप अभी मुश्किल में है। इससे निकलने के लिए हम अपने एसेट्स बेच रहे हैं। वहीं, अल्ट्राटेक ने एक बयान में कहा कि उसके बोर्ड ने जेपी असोसिएट्स, जेपी सीमेंट कॉरपोरेशन और उसके शेयरहोल्डर्स, लेंडर्स के साथ एक अरेंजमेंट स्कीम को मंजूरी दी है।

इसके मुताबिक, बिड़ला ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी 2.12 करोड़ टन के जेपी ग्रुप के सीमेंट एसेट्स के लिए 16,189 करोड़ रुपये की एंटरप्राइज वैल्यू पर डील करने को तैयार हुई है। दोनों कंपनियों के बीच शर्तों पर अनबन के चलते डील पर सवालिया निशान लग गया था। पिछले हफ्ते जेपी असोसिएट्स के बोर्ड ने डायरेक्टर्स की एक कमेटी बनाई थी। उसे कई ऑप्शंस पर काम करने के लिए कहा गया था।

आईसीआईसीआई, जेपी ग्रुप का लीड बैंक है। अल्ट्राटेक डील के टूटने की आशंका को देखते हुए आईसीआईसीआई बैंक ने जेपी असोसिएट्स के लिए स्ट्रैटेजिक डेट रिस्ट्रक्चरिंग (एसडीआर) का प्रोसेस शुरू किया था। इसके पूरा होने पर कंपनी पर आईसीआईसीआई बैंक का कंट्रोल हो जाता। उसने कंपनी को जो लोन दिया है, वह उसे शेयरों में बदलकर यह कंट्रोल हासिल करता। जब कोई कंपनी डिफॉल्ट करती है तो एसडीआर की प्रक्रिया शुरू होती है। अल्ट्राटेक ने भी जेपी को लोन देने वालों को लेटर लिखा था। इसमें उसने कहा था कि जेपी ग्रुप का सीमेंट बिजनस बेचने के लिए दूसरों से बात करना उसके साथ किए गए बाइंडिंग अग्रीमेंट का उल्लंघन है।

अल्ट्राटेक के साथ सौदे में रुकावट आने के बाद जेपी असोसिएट्स के प्रमोटर्स ने सज्जन जिंदल के जेएसडब्ल्यू ग्रुप और अमेरिकी पीई फर्म केकेआर सहित दूसरे इनवेस्टर्स के साथ बातचीत शुरू की थी। जेपी एसोसिएट्स को कर्ज देने वालों बैंकों की मंजूरी के बाद इन दोनों ने नॉन-बाइंडिंग बिड्स जमा की थी।
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