इस मामले में हैं वीडियोकाॅॅॅन दुनिया की तीसरी बड़ी कंपनी, हजाराें कराेड़ का है कर्ज

कलर पिक्चर ट्यूब बनाने के मामले में वीडियोकाॅॅॅन दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है।

By: Saurabh Sharma

Updated: 30 Mar 2018, 04:34 PM IST

नर्इ दिल्ली। टीवी से लेकर रेफ्रीजेरेटर तक, एयर कंडीशन से लेकर फ्रिज तक। एेसा कोर्इ होम अपलायंस नहीं जो किसी के घर में ना रहा हो। होम अपलायंस के मामले में देश की लीडिंग कंपनी में से एक रही वीडियोकाॅॅॅन इंडस्ट्रीज लिमिटेड पिछले दो दिनों से सुर्खियों में है। आर्इसीआर्इसीआर्इ बैंक के साथ उसका नाम एक घोटाले में सामने आ गया है। बैंक लोन के इस मामले में वीडियोकाॅॅॅन की साख भी कम हुर्इ है। लेकिन कंपनी के पतन की कहानी कोर्इ नर्इ नहीं है। पिछले साल आरबीआर्इ की आेर से 26 डिफाॅल्टर की लिस्ट जारी की थी। जिसमें वीडियोकाॅॅॅन का भी नाम शामिल है। ताज्जुब की बात तो ये है कि वीडियोकाॅॅॅन एक मामले में दुनिया की तीसरी बड़ी कंपनी है। अाइए आपको भी बताते हैं वीडियोकाॅॅॅन के बारे में...

5 अरब यूएस डाॅलर की कंपनी
वीडियोकाॅॅॅन इंडस्ट्रीज लि. देश की सबसे बड़ी होम अपलायंस की बनाने वाली कंपनी है। जिसकी देश में 17 मैन्युफेक्चर कंपनी है। वहीं कंपनी के मेन प्लांट चाइना, पोलैंड, इटली, आैर मैक्सिको में भी हैं। कंपनी का ग्लोबल वर्थ करीब 5 अरब यूएस डाॅलर है। कंपनी ने अपनी साख को घर तक घर पहुंचाया। एक समय एेसा भी था जब हर घर में वीडियोकाॅॅॅन का फ्रीज, कलर टीवी, एयर कंडीशनर से लेकर रेफ्रीजेरेटर में से कोर्इ एक मौजूद रहता था। मल्टी ब्रांड स्ट्रैटिजी के साथ सेल्स आैर सर्विस देने वाली सबसे बड़ी कंपनी में से एक थी। मौजूदा दौर में भी बाकी कंपनियों के आने के बाद भी वीडियोकाॅॅॅन देश की बड़ी कंपनियों में शुमार थी।

मोबाइल की दुनिया में रखा कदम
आज भी वीडियोकोन का रेफ्रीजेरेटर आैर वाॅशिंग मशीन मार्केर्ट में अपनी जगह बनाए हुए हैं। वर्ष 2009 में वीडियोकाॅॅॅन ने मोबाइल फोन की दुनिया में कदम रखते हुए बेसिक कलर एफएम फोन लांच किए। उसके बाद 2015 में अपना फ्लैगशिप फोन वीडियोकाॅॅॅन इंफिनियम Z51+ देश में लांच किया। उसके बाद कपनी की आेर से Videocon Krypton3 V50JG फोन लांच किया। वीडियोकाॅॅॅन ने 2009 में ही डीटीएच की दुनिया में भी कदम रखा। देश में डीडीबी टेक्नाेलाॅजी वीडियोकाॅॅॅन ने ही लांच की थी।

इससे हुआ कंपनी को सबसे बड़ा नुकसान
कंपनी के अर्श से फर्श तक आने की शुरूआत कंपनी के टेलीकंयूनिकेशन में आने के दौरान शुरू हुर्इ। 2जी लाइसेंस के लिए कंपनी ने करोड़ों रुपयों का बजट खर्च किया। लेकिन स्पेक्ट्रम घोटाला सामने आने के बाद कंपनी का रुपया डूब गया। वैसे कंपनी के कुछ रिटेल ब्रांड भी हैं। जिसमें प्लेनेट एम, डिजी वर्ल्ड आैर नेक्स्ट जैसे नाम शामिल हैं। वीडियोकाॅॅॅन का रावा आॅयल फील्ड में 25 फीसदी हिस्सेदारी भी है। जो आंध्र प्रदेश में आॅपरेट हो रही है।

इस मामले में है दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी
भले ही वीडियोकाॅॅॅन की हालत पहले जैसी ना हो, लेकिन कंपनी दुनिया में आज भी एक मामले में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है। वीडियोकाॅॅॅन ने 2005 में थाॅमसन एसए से कलर पिक्चर ट्यूब बनाने के अधिकार लिए थे। जिसके प्लांट चाइना, पोलैंड, इटली, आैर मैक्सिको में हैं। कलर पिक्चर ट्यूब बनाने के मामले में वीडियोकाॅॅॅन दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है। इसके लिए कंपनी ने फिलिप्स कलर टीवी के प्लांट को भी टेक आेवर कर लिया था। वहीं तीन प्लांट इलेक्ट्रोलक्स इंडिया के भी टेक आेवर किए थे।

हजारों करोड़ रुपए का है कर्ज
पिछले साल आरबीआर्इ की आेर से डिफॉल्टर कंपनियों की एक लिस्ट जारी की थी। जिसमें 26 कंपनियों के नाम शामिल थे। इस लिस्ट में वीडियोकाॅॅॅन कंपनी का नाम भी था। जिस पर हजारों करोड़ रुपयों का कर्ज था। शायद ही किसी ने सोचा होगा कि हर घर में राज करने वाला वीडियोकाॅॅॅन की हालत एेसी हो जाएगी।

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