रूचि सोया को खरीदने में इसलिए बढ़ती जा रही है बाबा रामदेव की दिलचस्पी, करना चाहते हैं ये बड़ा काम

रूचि सोया को खरीदने में इसलिए बढ़ती जा रही है बाबा रामदेव की दिलचस्पी, करना चाहते हैं ये बड़ा काम

Saurabh Sharma | Publish: Dec, 26 2018 10:24:33 AM (IST) इंडस्‍ट्री

योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि ने एक बार फिर से उस डील में दिलचस्‍पी दिखाई है।

नई दिल्ली। योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि ने एक बार फिर से उस डील में दिलचस्‍पी दिखाई है। जिसे गौतम अडानी की कंपनी ने अपने नाम कर लिया था।यह डील एडिबल ऑयल मेकिंग कंपनी रुचि सोया की है। इस डील को पाने के लिए बाबा रामदेव हर मुमकिन कोशिश करने में लगे हुए हैं। हाल ही में अडानी विल्मर के इस डील से पीछे हटने के तुरंत बाद पतंजलि ने कर्जदारों और बिक्री प्रक्रिया को देख रहे विशेषज्ञ अर्नेस्ट एंड यंग के शैलेंद्र अग्रवाल को एक पत्र लिखा दिया था। आइए जानते हैं बाबा रामदेव की रुचि सोया में बढ़ती दिलचस्पी के पीछे का कारण क्या है।

अडानी ने इतने में खरीदी थी कंपनी

आपको बता दें कि रूचि सोया के लिए अडानी विल्मर ने 5474 करोड़ रुपए की बोली लगाई थी, जिसमें से 4300 करोड़ रुपए कर्जदाताओं को दिए जाने थे। जबकि पतंजलि आयुर्वेद ने 5765 करोड़ रुपए की बोली लगाई थी। लेकिन उसने कर्जदाताओं को 4065 करोड़ रुपए देने का प्रस्ताव दिया था। इसी कारण वह रूचि सोया को खरीदने में सफल नहीं हो पाई थी। इस समय रूचि सोया पर करीब 9405 करोड़ रुपए का कर्ज है।

इसलिए रुचि सोया को खरीदना चाहते है बाबा रामदेव

पतंजलि के को-फाउंडर बाबा रामदेव का सपना है कि उनकी कंपनी FMCG मार्केट के एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर ले। अपने इसी सपने को पूरा करने के लिए बाबा रामदेव जोरो-शोरों से कोशिश करने में लगे हुए हैं। इतना ही नहीं बाबा रामदेव ने अप्रैल में कहा था कि वो आने वाले तीन से पांच सालों में पतंजलि का टर्नओवर 20,000 करोड़ से लेकर 25,000 करोड़ रुपए करने का लक्ष्य रखा है। इतना ही नहीं पतंजलि देशभर में वितरण नेटवर्क में वितरकों की संख्या दोगुना कर 12000 करने की भी योजना है। इसके अलावा पतजंलि बाजार में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करेगी।

पतंजलि के सामने हैं ये परेशानियां

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार बाबा रामदेव की ये ख्वाहिश आसानी से पूरी नहीं होने वाली है। क्योंकि मार्केट में बढ़ते कॉम्पिटिशन के कारण पतंजलि के कई प्रोडक्ट की बिक्री में कमी आई है। इसी के साथ मार्केट में नई कंपनियों के आने से पतंजलि के चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में अपने इस सपने को पूरा करने के लिए बाबा रामदेव रुचि सोया का सहारा लेना चाहते हैं। क्योंकि रुचि सोया बाबा रामदेव की महत्वाकांक्षी परियोजना को लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। साथ ही इस साल बाबा रामदेव ने रुचि सोया के साथ कई सारी डील भी साइन कर रखी हैं। जो कि उसके लिए काफी अहम है।

रुचि सोया के पास 38.2 टन ओयल बीज से खाद्य तेल निकालने की क्षमता

भारत में रुचि सोया की 38.2 टन ओयल बीज से खाद्य तेल निकालने की क्षमता है। इसके पेराई, पिसाई, रिफाईनिंग, पैकेजिंग के देशभर में 24 के करीब प्लांट हैं। इसके अलावा यह कंपनी सोया उत्पादन के सबसे बड़े निर्माताओं में से एक है। इसके खुद के बहुत से प्रमुख ब्रांड हैं। इसमें न्यूट्रीला, महाकोश, रुचि गोल्ड, रुचि स्टार और सनरिच जैसे ब्रांड शामिल हैं। अभी के समय में तेल बाजार में अडानी कंपनी ने तकरीबन 19 फीसदी हिस्सेदारी पर कब्जा जमा रखा है। जबकि रूचि सोया के ने 14 हिस्सेदारी पर कब्जा जमा रखा है। बाबा रामदेव को उम्मीद है की पतंजलि के रुचि सोया को खरीदने के बाद पतंजलि बाजार के काफी हिस्से पर कब्जा जमा लेगी। Rabo Bank की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के वनस्पति तेल की खपत 2030 तक 34 फीसदी टन से अधिक और सालाना 3 फीसदी तक बढ़ने की उम्मीद है।

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