IPL 2021: 3 साल बाद हर्षल पटेल ने निकाली भड़ास, कहा— अपमानित का ऐसे लिया बदला

हर्षल पटेल ने बताया कि 2018 की आईपीएल नीलामी में टीमों की अनदेखी से वह अपमानित महसूस कर रहे थे।
जिसने उन्हें अपनी बल्लेबाजी पर काम करने के लिए प्रेरित किया।

By: Shaitan Prajapat

Updated: 13 Apr 2021, 09:27 PM IST

नई दिल्ली। आईपीएल के हर सीजन में नए खिलाड़ियों की नीलामी होती है। हर साल नए खिलाड़ियों को खरीदकर टीम में शामिल करते है। हर नीलामी में कई खिलाड़ियों की बोली नहीं लगती है और वे आईपीएल नहीं खेल पाते है। इसके बाद कुछ खिलाड़ियों मायूस और अपमानित महसूस करते है। ऐसा ही कुछ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के ऑलराउंडर हर्षल पटेल के साथ हुआ है। पटेल ने मंगलवार को इस बारे में बड़ा खुलासा किया है।

खेलने के अधिक मौके नहीं मिले
एक इंटरव्यू में हर्षल पटेल ने बताया कि साल 2018 की आईपीएल नीलामी में टीमों की अनदेखी से वह अपमानित महसूस कर रहे थे जिसने उन्हें अपनी बल्लेबाजी पर काम करने के लिए प्रेरित किया। जिसके कारण आज वह आलराउंडर बन पाए है। 30 वर्षीय पटेल को 2018 में दिल्ली कैपिटल्स ने 20 लाख रुपये के उनके आधार मूल्य पर खरीदा था लेकिन उन्हें खेलने के अधिक मौके नहीं मिले।

बल्लेबाजी पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया
पटेल ने आगे बताया कि साल 2018 आईपीएल में काफी लोगों ने रुचि नहीं दिखाई और इससे मैं मायूस हो गया। मैंने इसे अपमान के रूप में लिया क्योंकि मैं ऐसा खिलाड़ी बनना चाहता था जो मैच विजेता हो और उसकी काफी मांग हो। उन्होंने कहा, इसके बाद मैंने महसूस किया कि अगर मैं अपनी बल्लेबाजी पर काम करूं और लोग मेरी बल्लेबाजी पर भरोसा करने लगे तो मैं प्रभावी खिलाड़ी बन सकता हूं। मैंने बल्लेबाजी में हमेशा अच्छा किया है लेकिन कभी इस पर अधिक ध्यान नहीं लगाया।

प्रबंधन पर पूरा भरोसा
पटेल ने कहा कि यह प्रबंधन पर निर्भर करता है। मुझे लगता है कि अधिकांश टीमों ने देखना शुरू कर दिया है कि गेंदबाज अभ्यास मैचों या अभ्यास के दौरान क्या करता है और वह योजनाओं को कैसे लागू कर रहा है, फिर उसका दर्जा चाहे कुछ भी हो, वे नए खिलाड़ी हों या अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी। पटेल दिल्ली कैपिटल्स से बैंगलोर की टीम में आए हैं और कप्तान विराट कोहली ने पहले ही मैच में हरियाणा के इस तेज गेंदबाज को डेथ ओवरों में गेंदबाजी का जिम्मा सौंपा और इस पर खरा उतरकर वह खुश हैं। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि यह मेरे लिए अच्छा फैसला रहा (दिल्ली कैपिटल्स का उन्हें छोड़ना) क्योंकि मुझे पता था कि दिल्ली कैपिटल्स में कागिसो रबाडा और एनरिक नॉर्खिया के होने से मुझे उतने मौके नहीं मिलेंगे जितने यहां मिलेंगे। ऐसी टीम में होना अच्छा है जहां मैं अपना कौशल दिखा सकता हूं और मुझे मुश्किल हालात में गेंदबाजी का मौका मिलेगा। बैंगलोर की टीम अपने दूसरे मैच में बुधवार को सनराइजर्स हैदराबाद से भिड़ेगी।

Shaitan Prajapat
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