scriptIPL 2022 Yashasvi jaiswal use to sell panipuri playing for Rajasthan | कभी पेट पालने के लिए बेचते थे गोलगप्पे, अब राजस्थान रॉयल्स के लिए मैच विनर बना यह बल्लेबाज | Patrika News

कभी पेट पालने के लिए बेचते थे गोलगप्पे, अब राजस्थान रॉयल्स के लिए मैच विनर बना यह बल्लेबाज

IPL 2022: उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के सुरयावां नगर के रहने वाले जायसवाल कभी पेट भरने के लिए मुंबई में गोलगप्पे बेचते थे जायसवाल को राजस्थान रॉयल ने इस सीजन के लिए 8 करोड़ रुपये में रिटेन है।

नई दिल्ली

Updated: May 11, 2022 02:24:43 pm

IPL 2022: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में कई ऐसे खिलाड़ी हैं। जिनकी कहानी बेहद दिलचस्प है। ग़रीब घरों से आए इन खिलाड़ियों के पास कभी खाने तक के पैसे नहीं थे। लेकिन कड़ी मेहनत और लगन के बाद वे आज आईपीएल में करोड़ों कमा रहे हैं और अपनी टीम के लिए मैच वीनर साबित हुए हैं। ऐसी ही कहानी राजस्थान रॉयल्स (RR) के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल की भी है।

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राजस्थान रॉयल्स इस आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन कर रही है।

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के सुरयावां नगर के रहने वाले जायसवाल कभी पेट भरने के लिए मुंबई में गोलगप्पे बेचते थे। 17 साल की उम्र में यूथ वनडे मैचों में दोहरा शतक लगाने वाले जायसवाल को राजस्थान ने 8 करोड़ रुपये में रिटेन है। हालांकि सीजन की शुरुआत उनके लिए अच्छी नहीं रही और उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा। लेकिन पंजाब किंग्स (PBKS) के खिलाफ खेले गए मैच में उन्हें एक बार फिर मौका मिला और जोरदार वापसी करते हुए जायसवाल ने 41 गेंद पर 68 रन ठोक डाले और टीम को जीत दिलाई।

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उनकी इस पार के लिए उन्हें मैन ऑफ दा मैच भी चुना गया। जायसवाल को बचपन से ही क्रिकेटर बनने का जुनून था। यशस्वी के पिता भूपेंद्र जायसवाल भदोही में एक छोटी सी दुकान चलाते हैं और माँ कंचन जायसवाल गृहणी हैं। 10 साल की उम्र में ही यशस्वी ने अपने पिता से मुंबई जाने के लिए बात की और फिर अपने सपने को पूरा करने के लिए मायानगरी पहुंच गए।

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यशस्वी अपना पेट पालने के लिए आजाद मैदान में राम लीला के दौरान पानी-पूरी और फल बेचते थे। यशस्वी ने एक डेयरी में भी काम किया लेकिन डेयरी वाले ने एक दिन उन्हें निकाल दिया। एक क्लब जायसवाल की मदद के लिए आगे आया, लेकिन शर्त रखी कि अच्छा खेलोगे तभी टेंट में रहने देंगे। टेंट में रहते हुए यशस्वी का काम रोटी बनाने का था। यहीं उन्हें दोपहर और रात का खाना भी मिल जाता था। रुपये कमाने के लिए यशस्वी ने बॉल खोजकर लाने का काम भी किया।

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