५ साल पहले बजट में हुई थी बेस किचिन चालू करने की घोषणा, आईआरसीटीसी ने पीछे खींचे कदम..

-आईआरसीटीसी के अधिकारियों ने किया था मौके का निरीक्षण
-तीन साल में नहीं बनी कोई योजना

इटारसी. केंद्र सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में रेल बजट में पुराने बेस किचिनों को चालू करने की घोषणा की थी। उन बेस किचिनों में इटारसी का बेस किचिन भी शामिल था। घोषणा के बाद तीन साल पहले आईआरसीटीसी के अधिकारियों ने पुराने बेस किचिन का निरीक्षण भी किया था मगर उसके बाद से प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया है। अब पुराने भवन को जमींदोज किए जाने के बाद यहां अब अलग से बेस किचिन चालू होने की उम्मीद भी खत्म हो गई है। आईआरसीटीसी रिफ्रेशमेंट रूमों के किचिन को ही बतौर बेस किचिन इस्तेमाल कर रही है।
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वर्ष २०४-15 में की थी घोषणा
रेलवे ने अपने कुछ पुराने बेस किचिनों को चालू करने की घोषणा वर्ष 201४-१५ के बजट में की थी। इसमें इटारसी के बेस किचिन का संचालन आईआरसीटीसी के माध्यम से करने की योजना बनी थी। यह घोषणा अब कागजों में ही सिमट गई है।
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अपै्रल 2०१७ मेंं आई थी टीम
बजट में बेस किचिन को लेकर की घोषणा के बाद आईआरसीटीसी के तत्कालीन मुख्य महाप्रबंधक अरविंद वानखेड़े व कुछ अधिकारियों की टीम अप्रैल 2017 में इटारसी आई थी। यहां उन्होंने कमर्शियल विभाग के अधिकारियों के साथ मौजूदा स्ट्रक्चर का निरीक्षण किया था।
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३ साल बीते, भवन भी टूटा
बेस किचिन चालू करने की घोषणा हुए करीब ५ साल का लंबा वक्त बीतने के बाद भी अब तक उसमें कुछ नहीं हुआ है। पिछले दिनों बेस किचिन के पुराने स्ट्रक्चर को भी ढहा दिया गया है जिससे अब बेस किचिन के चालू होने की उम्मीद खत्म हो गई है।
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यह थी योजना
यात्रियों को स्वादिष्ट और गरमा-गरम खाना उपलब्ध कराने के लिए बेस किचिन का संचालन इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन के माध्यम से कराने की योजना बनी थी जो अब तक ठंडे बस्ते में ही पड़ी हुई है। आईआरसीटीसी ने फिलहाल रेलवे स्टेशन के रिफ्रेशमेंट रूमों को ही कई तरह की मशीनें देकर उन्हें बतौर बेस किचिन तैयार करने का रास्ता निकाला है और उसी के हिसाब से काम चलाया जा रहा है।
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इनका कहना है
तीन साल पहले आईआरसीटीसी की टीम ने पुराने भवन का निरीक्षण किया था मगर उसके बाद से अब तक कुछ नहीं हुआ है। अब तो पुरान भवन भी टूट गया है इसलिए बेस किचिन चालू होने की उम्मीद कम ही है।
बीएल मीना, डीसीआई इटारसी

बजट में घोषणा के बाद उसकी मौजूदा स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं है। यह आईआरसीटीसी से ही पता चलेगा।
आईए सिद्दकी, जनसंपर्क अधिकारी भोपाल मंडल

प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में नहीं कह सकते हैं। रेलवे स्टेशनों पर बेस किचिनों का संचालन आईआरसीटीसी कर रही है। पुराने भवनों की जगह नए बनाकर उनका संचालन करने के संबंध में अभी कुछ कहना मुश्किल है। वह पॉलिसी मैटर है, हो सकता है इस मामले में आगे कुछ निर्णय हो।
पिनाकल मूरावाला, पीआरओ आईआरसीटीसी मुंबई

Rahul Saran Reporting
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