बहराणा साहिब सिर पर लेकर निकाली शोभायात्रा

बहराणा साहिब सिर पर लेकर निकाली शोभायात्रा

krishna rajput | Publish: Sep, 09 2018 09:13:07 PM (IST) Itarsi, Madhya Pradesh, India

चालीहा महोत्सव के समापन
चालीहा महोत्सव के महोत्सव पर निकाली शोभायात्रा

इटारसी. सिंधी समाज द्वारा चालीहा व्रत किया जा रहा था। इस व्रत महोत्सव का समापन रविवार को हुआ। इस मौके पर बहराणा साहिब बनाए गए थे। शाम को बहराणा साहिब सिर पर रखकर बाजार में शोभायात्रा निकाली गई है। इसमें शहर के साथ ही बाहर से आए सिंधी समाज के लोग भी शामिल हुए।

चालीहा पर्व के समापन अवसर पर सुबह ७ बजे पूजा अर्चना, ९ बजे भजन एवं पल्लव, दोपहर २ बजे से भंडारा आयोजित किया गया। इसके बाद शाम को ५.३० बजे पूज्य बहराणा साहिब की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। भगवान झूलेलाल मंदिर में ३१ बहराणा साहिब बनाए गए थे और ३१ ज्योत प्रज्वलित की गई थी। सभी ३१ बहराणा साहिब को सिंधी समाज के लोगों ने सिर पर रखकर बाजार में शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा सिंधी कॉलोनी के झूलेलाल मंदिर से प्रारंभ हुई जो शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए होशंगाबाद नर्मदा नदी के लिए रवाना हुई। होशंगाबाद में बहराणा साहिब का विसर्जन किया गया। इस कार्यक्रम में जबलपुर से शहनाई वादकों को आमंत्रित किया गया था जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे।

यह है खास
- चालीहा पर्व के दौरान सिंधी समाज के लोग ४० दिनों तक कठिन नियमों का पालन करते हुए व्रत रखते हैं।
- चालीहा व्रत का शुभारंभ ३० जुलाई से हुआ था। रविवार को यह महोत्सव भरूच से आए पंडित सांई ठाकुर मनीष लाल के नेतृत्व में समापन हुआ। सांई मनीषलाल भगवान झूलेलाल के २६ वें वशंज हैं।
- इटारसी में आयोजित चालीहा महोत्सव देश भर में प्रसिद्ध है क्योंकि चालीहा महोत्सव इतनी धूमधाम से कहीं और नहीं मनाया जाता। इस वर्ष यह आयोजन २१ वें वर्ष में संपन्न हुआ।

विजेताओं का होगा सम्मान
चालीहा महोत्सव के तहत १२ सितंबर को सिंधु विकास समिति के तत्वावधान किचन क्वीन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। महिलाओं को बनाकर का रेसेपी जमा कराना होगा। इसमें से ११ रेसेपी चुनी जाएगी। इसके बाद १६ सितंबर को आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।

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