कीचड़ के कारण पढ़ाई छोड़ रहे तीन गांव के बच्चे

कीचड़ के कारण पढ़ाई छोड़ रहे तीन गांव के बच्चे

sandeep nayak | Publish: Sep, 04 2018 09:35:43 PM (IST) Itarsi, Madhya Pradesh, India

आजाद हुए ७१ साल पहले लेकिन कीचड़ से अभी तक नहीं मिली आजादी
विद्यार्थी स्कूल डे्रस पर पहुंचे एसडीएम दफ्तर

इटारसी. तीन ऐसे गांव हैं जहां के बच्चे सड़क नहीं होने के कारण पढ़ाई छोड़ रहे हैं। जो बच्चे खेतों के रास्तों से होकर स्कूल जाते हैं उन पर खेत मालिक लाठी लेकर दौड़ते हैं। यह हालात जमानी के पास मांदीखोह, चीपापुरा, नया झालई गांव के हैं। गांव वालों को आजादी तो ७१ साल पहले मिल गई लेकिन कीचड़ से मुक्ति आज तक नहीं मिली है। अब ग्रामवासियों ने कहा कि रोड नहीं तो वोट भी नहीं देंगे।

सड़क नहीं होने से परेशान हो चुके इन गांवों के पढऩे वाले बच्चे मंगलवार को डे्रस पहनकर स्कूल जाने की बजाए इटारसी एसडीएम कार्यालय पहुंचे थे। बच्चों ने यहां एसडीएम वंदना जाट को अपनी समस्या बताई। गांव के लोग भी बच्चों के साथ यहां आए थे।

- डेढ़ किलोमीटर दलदल भरा रास्ता
मांदीखोह, चीपापुरा, नया झालई गांव की जमानी गांव से दूरी तीन किलोमीटर है। इन गांवों से मुख्य रास्ता डेढ़ किलोमीटर है। इस डेढ़ किलोमीटर में दलदल जैसी कीचड़ है। इस कच्ची सड़क पर एक-एक फीट पैर कीचड़ में गढ़ जाते हैं। ऐसे में बच्चों को मुख्य सड़क तक आने में घंटों लगते हैं।

- दूसरे रास्तों पर होती है मारपीट
इन गांवों से जमानी तक आने के लिए दो अन्य मार्ग हैं। एक बाबई से होते हुए और दूसरा तिलक सिंदूर से होते हुए। इन दोनों मार्गों के बीच खेत पड़ते है। खेतों के बीच से सड़क तक आने पर खेत मालिक लाठी लेकर दौड़ते हैं क्योंकि उनकी फसल खराब होती है। ऐसे में यहां से आना-जाना कम ही हो पाता है।

- बच्चे छोड़ रहे है पढ़ाई
कीचड़ भरे रास्तों के कारण बच्चे बारिश के दिनों में स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं। हालात यह है कि इन चार महीने छात्र-छात्राएं स्कूल नहीं जाते हैं और पढ़ाई छोड़ देते हैं। इन गांवों के करन पिता पूरनलाल, दुर्गा पिता ब्रजलाल, गगन पिता राधेलाल और दशरथ ऐसे बच्चे हैं जो कीचड़ के कारण पढ़ाई छोड़ चुके हैं।

विधायक को रोककर दिखाए हालात
सिवनी मालवा विधायक सरताज सिंह के विधानसभा क्षेत्र में यह गांव आते हैं। मंगलवार को इत्तेफाक से जब विधायक सरताज सिंह अमाड़ा गांव संबल योजना के प्रमाणपत्र बांटने जा रहे थे तो ग्रामवासियों ने विधायक को रोक लिया और गांव जाने वाले इस रास्ते के हालात दिखाए। उन्होंने ग्रामवासियों को जल्द ही सड़क बनवाने का आश्वासन दिया है।

आजादी तो मिल गई लेकिन आज तक हम लोग कीचड़ से मुक्त नहीं हो पाए हैं। रोड नहीं बनी तो इस बार वोट भी नहीं देंगे।
बलदेव तेकाम, ग्रामवासी

कीचड़ के कारण गांव से निकलना भी मुश्किल हो रहा है। बारिश के मौसम में गांव के बाहर नहीं जा पाते हैं।
लक्ष्मी तुमराम, ग्रामवासी

रोज स्कूल आने में दिक्कत होती है। स्कूल में टीचर देरी से आने पर चिल्लाते हैं। कीचड़ में से आना पड़ता है।
अनुराधा तुमराम, स्कूली छात्रा

एक-एक फीट कीचड़ है। इस कीचड़ से होकर जब स्कूल आते हैं तो पूरी डे्रस गंदी हो जाती है। कुछ तो पढ़ाई छोड़ चुके हैं।
पूजा कुम्हरे, छात्रा

गांवों से मुख्य मार्ग तक आने-जाने के लिए फिलहाल वैकल्पिक तौर पर मुरम डलवाने के निर्देश दिए हैं। बाद में यहां क्या किया जा सकता है इसको लेकर चर्चा की जाएगी।
वंदना जाट, एसडीएम इटारसी

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