सरकारी अफसर निष्क्रिय- पंचायतों की सरकारी जमीन दबंगों का कब्जा

गांवों में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा
जुर्माना भरकर अधिपत्य मान लेते हैं अवैध कब्जाधारी
गांव में नहीं मिल पा रही सरकारी जमीन

कृष्णा राजपूत
इटारसी. गांवों में छोटी घास और बड़ा झाड़ की जमीन गायब हो गई है। गांवों में कई हैक्टेयर जमीन पर कब्जा हो गया है। वर्षों से कब्जा करके बैठे अवैध कब्जाधारी दबंगों ने अपना अधिपत्य मान लिया है।

मामूली जुर्माना भरकर करोड़ों की कीमती सरकारी जमीन पर कब्जा करके लाभ उठाया जा रहा है। पत्रिका की पड़ताल में सामने आया हैं कि कई गांवों में तो सरकारी जमीन ही नहीं बची है।

- क्यों होती थी छोटी घास की जमीन
हर ग्राम पंचायत के पास छोटी घास की जमीन होती है। दरअसल यह जमीन का उपयोग पहले मवेशियों के चरने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। इसके अलावा पंचायत में यदि कोई सरकारी योजना के तहत भवन या कोई निर्माण होना होता था तो इस जमीन का उपयोग किया जाता था।

- दो-तीन साल में भरते हैं जुर्माना
छोटी घास और बड़ा झाड़ की जमीन पर कब्जा जमाए बैठे लोग एक-दो साल के अंदर मामूली जुर्माना भर देते हैं। इस जुर्माने को भरने के बाद कब्जाधारी अपने आपको सरकारी जमीन का मालिक समझने लगते हैं। जबकि जुर्माना जमा करने वाली रसीद की आखिरी लाइन में ही लिखा होता है कि अर्थदंड अधिरोपित किया जाकर अतिक्रमण की गई भूमि से बेदखल किया जाता है।

- पत्रिका की पड़ताल में कुछ गांवों के अवैध कब्जाधारियों के नाम सामने आए हैं। यह कब्जाधारी सालों से १०००-१५०० रुपए का जुर्माना भरते हैं और हर साल कब्जे की जमीन से लाखों रुपए की फसल लेते हैं। इटारसी तहसील के सोमलवाड़ा खुर्द में ही करीब एकड़ पर, सोनतलाई में ९ एकड़ पर और मरोड़ा में ४५ एकड़ जमीन पर कब्जा है।
कब्जाधारी ये हैं शामिल
- कृष्णावतार पिता मोतीलाल कुर्मी सोमलवाड़ा का ०.२१० मतलब ०.५१८ डिसमिल पर कब्जा है।
- बैजनाथ पिता गब्बूलाल सोमलवाड़ा का ०.९७० मतलब २ एकड़ ३९ डिसमिल पर कब्जा है।
- रमेश पिता बाबूलाल कुर्मी सोमलवाड़ा का ०.४०५ मतलब १ एकड़ पर कब्जा है।
- राधेलाल पिता रामकेश कुर्मी सोमलवाड़ा का ०.५२६ मतलब १ एकड़ २९ डिसमिल पर कब्जा है।
- अशोक पिता रामदास कहार सोनतलाई का १.८२३ मतलब ४ एकड़ ५० डिसमिल पर कब्जा है।
- सुखराम पिता रामदास कहार सोनतलाई का १.८२३ मतलब ४ एकड़ ५० डिसमिल पर कब्जा है।
- चिरोंजीलाल पिता रामप्रसाद कीर मरोड़ा का ९.१८६ मतलब २२ एकड़ ६९ डिसमिल पर कब्जा है।
- राधेश्याम पिता रामरतन मरोड़ा का ९.१८६ मतलब २२ एकड़ ६९ डिसमिल पर कब्जा है।
तहसीलदार तृप्ति पटैरिया से सीधी बात-
सवाल- पंचायतों में कौन सी जमीन को सरकारी माना जाता है ?
- पंचायतों में छोटी घास (चरनोइ) और बड़ा झाड़ की जो जमीन होती है वह सरकारी जमीन होती है।
सवाल- ऐसी जमीन पर कब्जाधारियों के लिए क्या प्रावधान है?
जवाब- जहां भी सरकारी जमीन पर कब्जा है उन अर्थदंड लिया जाता है जो उन्हें हटाया जाता है।
सवाल- क्या अर्थदंड देने से जमीन पर अधिपत्य मिल जाता है ?
जवाब- अर्थदंड का मतलब कतई अधिपत्य नहीं होता है। इन्हें कभी भी बेदखल किया जा सकता है।
तृप्ति पटैरिया, तहसीलदार इटारसी

krishna rajput
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