जनभागीदारी अध्यक्ष और विधायक प्रतिनिधि आमने-सामने

गांधी स्तंभ के लोकार्पण शिलालेख को हटवाया

By: poonam soni

Updated: 22 Mar 2020, 12:48 PM IST

इटारसी. शासकीय एमजीएम कॉलेज में गांधी स्तंभ के लोकार्पण शिलालेख पर अब विवाद की स्थिति बन गई है। विधायक प्रतिनिधि ने इस लोकार्पण शिलालेख को हटवा दिया है। कांग्रेस सरकार ने सभी कॉलेजों में गांधी स्तंभ बनवाने के निर्देश दिए थे। यह स्तंभ वैसे तो जनवरी में बन कर तैयार हो जाना था लेकिन काम पूरा नहीं हो पाया है। इधर इस बीच कांगे्रस सरकार गिर गई अब यहां लोकार्पण शिलालेख पर नाम किसका हो इसे लेकर विधायक प्रतिनधि दीपक अठौत्रा और जनभागीदारी अध्यक्ष राजकुमार उपाध्याय आमने-सामने आ गए हैं।

- यह हुआ है घटनाक्रम
गांधी स्तंभ पर लोकार्पण शिलालेख लगाने की तैयारी चल रही थी। इस पर जनभागीदारी अध्यक्ष राजकुमार उपाध्याय का नाम था। यह जानकारी मिलने के बाद अठौत्रा ने आपत्ति ली और प्राचार्य को लोकार्पण शिलालेख हटवाने के लिए कहा इसके बाद शिलालेख हटवा दिया गया है।

- शासन ने 3 वर्षों के लिए जनभागीदारी अध्यक्ष के लिए नियुक्त किया है। लोकार्पण शिलालेख पर अध्यक्ष व प्राचार्य का नाम तो रहेगा। लोकार्पण के पत्थर पूरे मध्यप्रदेश के सभी महाविद्यालयों में समान ही रहेंगे और लोकार्पण पहले ही सामूहिक हो चुका है।
राजकुमार उपाध्याय, अध्यक्ष जनभागीदारी समिति एमजीएम कॉलेज

गांधी स्तंभ के लोकार्पण शिलालेखा पर व्यक्तिगत नाम था। इसे प्राचार्य से बातचीत करके हटवाया गया है। अब आगे जब भी लोकार्पण होगा उस समय जो लोग रहेंगे उनका नाम शिलालेख पर होगा।
दीपक अठौत्रा, विधायक प्रतिनिधि एमजीएम कॉलेज

फिलहाल तो शिलालेख हटवा दिया गया है। अब उच्च शिक्षा विभाग से जो निर्देश मिलेंगे उसके अनुसार ही आगे निर्णय लिया जाएगा।
डॉ. आरके तिवारी, प्राचार्य एमजीएम कॉलेज

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