दरके गरीबों के मकान, छतों से टपक रहा पानी

-एकीकृत आवास एवं मलिन बस्ती परियोजना के हालात

By: Rahul Saran

Published: 20 Jul 2018, 07:00 AM IST

इटारसी। एकीकृत आवास एवं मलिन बस्ती विकास परियोजना के तहत 153 मकान बनाकर गरीबों को आवंटित होना है। अभी 100 परिवारों को ही मकान आवंटित हुए हैं और 53 मकानों का काम चल ही रहा है। जो मकान गरीबों को आवंटित हुए हैं उनमें गुणवत्ता के साथ जो खिलवाड़ हुआ है उसका प्रमाण छत और दीवारों से पानी टपकने से बनी लकीरों में मिल गया। पत्रिका टीम को मकानों को अंदर से दिखाते हुए उसमें रहने वाले परिवारों ने इटारसी नगरपालिका को जमकर कोसा।
छतें लीकेज, दीवारों से रिसाव
न्यास कॉलोनी में निर्माणाधीन साईं मंदिर के पीछे करीब 100 मकान आईएचएसडीपी योजना में बनाए गए हैं। इन मकानों का काम वर्ष 2015 में पूरा हुआ था और जून 2016 में लॉटरी सिस्टम से इन 100 मकानों का आवंटन किया गया था। अभी वर्ष 2018 चल रहा है यानी महज दो साल में ही मकानों की छतों से पानी टपकने लगा है और दीवारों से पानी की धार रिस रही है। लगभग सभी मकानों के यही हालात हैं। तेज बरसात में लोगों को इन मकानों में जगह-जगह बर्तन रखने को मजबूर होना पड़ रहा है। छत और दीवारों के रिसने के कारण इन परिवारों को रात में सोने तक की जगह नहीं मिल रही है।
नपा के लिए दिखा गुस्सा
जो परिवार अभी यहां रह रहे हैं वे पिछली दो बरसात से परेशान हैं। छत और दीवारों से पानी रिसने की शिकायतें करने के बावजूद उनकी समस्या की सुनवाई नहीं हुई है। पत्रिका टीम को अपने बीच पाकर इन मकानों में रहने वाले परिवारों से महिलाएं बाहर आ गईं। इन महिलाओं ने जमकर नपा के जिम्मेदारों को कोसा। महिलाओं ने कहा कि कई बार बोलने के बाद भी कोई नहीं आया है। तेज बरसात में हम लोगों को घर में उठना-बैठना मुश्किल हो जाता है।
हितग्राहियों ने रोके 50-50 हजार
नपा प्रशासन ने लॉटरी सिस्टम के बाद पात्र हितग्राहियों को मकानों का आवंटन किया था। यह मकान उस समय केवल १३-१३ हजार रुपए की राशि में दिए गए थे और बाकी की 50 हजार की राशि किस्तों में ली जाना थी मगर मकानों की घटिया गुणवत्ता देखकर अब तक किसी भी हितग्राही ने अपनी पूरी किस्त ही जमा नहीं की है। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि नपा किस्त जमा करने के लिए तो कहती है मगर हम जो समस्या से परेशान है उसका निराकरण नहीं करती है।
एक नजर में प्रोजेक्ट
प्रोजेक्ट का नाम-आईएचएसडीपी
क्या बनना था- १५३ मकान
स्वीकृति वर्ष- वर्ष 2007
टेंडर हुआ- मई 2010
लागत राशि- 2 करोड़ रुपए
वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजा-जुलाई 2010
वित्तीय स्वीकृति हुई- जनवरी 2011
वर्क ऑर्डर- मई 2011
काम की स्थिति- ५३ मकान बाकी
यह नहीं बने- सामुदायिक भवन, सामुदायिक शौचालय
किसने क्या कहा
मकान की छत और दीवारों से पानी टपक रहा है। हमारा बरसात में सोना मुश्किल हो रहा है। नपा में कई बार शिकायत की मगर कोई नहीं आता।
ताराबाई राजपूत, स्थानीय निवासी
पिछली बरसात में भी पूरे मकान में पानी टपका था। नपा ने उसे ठीक कराने के लिए कहा था मगर एक साल में कुछ नहीं हुआ। अब यह बरसात भी चालू हो गई है मगर मकानों की छतों को ठीक नहीं किया गया। बरसात में घरों में पानी रिस रहा है जिससे दिक्कत हो रही है।
बेगम बी, स्थानीय निवासी
छत से पानी टपकता है तो पूरे कमरों में अलग से बर्तन रखना पड़ते हैं। रात में यदि तेज बारिश होती है तो हमें सोने तक की जगह नहीं रहती है। नपा को बताओ तो वहां से कोई जवाब ही नहीं मिलता है और हमें टरका दिया जाता है। यहां रहने वाले परिवार बहुत परेशान हैं।
शाहिना बी, स्थानीय निवासी
हमने आईएचएसडीपी के मकानों में आ रही इस समस्या को लेकर नपा प्रशासन से पहले चर्चा की थी मगर उस पर ध्यान नहीं दिया गया। हम भी नपा के अधिकारियों को केवल समस्याओं से अवगत ही करा सकते हैं उस पर कार्यवाही कराना उनकी जिम्मेदारी है।
अमृता ठाकुर, पार्षद वार्ड १४
हम दिखवा लेते हैं कि वहां कितने मकानों में इस तरह की समस्या आ रही है। उस समस्या का जो भी उचित हल हो सकेगा वह अवश्य किया जाएगा।
अक्षत बुंदेला, सीएमओ इटारसी

Rahul Saran
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned