अधूरा छात्रावास भवन असुरक्षित, पीडब्ल्यूडी का जवाब जितनी राशि थी उतना बना दिया

अधूरा छात्रावास भवन असुरक्षित, पीडब्ल्यूडी का जवाब जितनी राशि थी उतना बना दिया
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Krishna Singh | Updated: 04 Jul 2019, 11:34:52 AM (IST) Itarsi, Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

पत्र भेजे, निवेदन किया फिर भी पीडब्ल्यूडी ने पूरा नहीं कराया छात्रावास
- छात्राओं को रहना पड़ेगा किराए से
छह साल पहले हुआ था भूमिपूजन

इटारसी. इस सत्र में भी गल्र्स कॉलेज की छात्राओं को किराए से रहकर पढ़ाई पूरी करना पड़ेगी। कॉलेज प्राचार्य ने पीडब्ल्यूडी एसडीओ को पत्र लिखकर और मौखिक भी निवेदन किया लेकिन काम पूरा करके नहीं दिया गया। वर्तमान में जो छात्रावास भवन बनकर तैयार है वह असुरक्षित है। ऐसे में छात्राओं को यहां ठहराना खतरे से खाली नहीं हैं। इधर पीडब्ल्यूडी का कहना है जितनी राशि दी थी उतना भवन बन चुका है।

छह साल पहले २०१३ में शासकीय कन्या महाविद्यालय की छात्राओं के लिए गल्र्स हॉस्टल का निर्माण ट्रेजरी के पास शुरू हो गया था लेकिन अभी तक पूरा नहीं हुआ। नया सत्र भी प्रारंभ हो गया है लेकिन छात्रावास तैयार नहीं हैं ऐसे में छात्राओं को किराए के मकानों में रहकर पढ़ाई पूरी करना पड़ा।

-यूजीसी से मिले थे ८० लाख
शासकीय कन्या महाविद्यालय में दूर-दराज के क्षेत्रों से छात्राएं पढऩे आती है। इन छात्राओं के लिए ट्रेजरी के पीछे ७५६.७७ वर्ग मीटर जमीन पर गल्र्स हॉस्टल बन गया है। यूजीसी से स्वीकृत ८० लाख रुपए से यह हॉस्टल बन रहा है अभी इसमें ७२ लाख रुपए प्राप्त हुए हैं। भवन बनकर तैयार है लेकिन इसमें ओपन टेरिस पर जाली लगने के अलावा, रेलिंग और बाउंड्रीवॉल बनना बाकी है। बाउंड्रीवॉल का काम पीयूआई को करना है।

- कॉलेज प्रबंधन इसलिए नहीं ले रहा छात्रावास
फिलहाल जो छात्रावास भवन बना है उसमें टेरिस ओपन है। कॉलेज प्रबंधन को इस बात का डर है ओपन टेरिस से कूदकर कोई भी अंदर आ सकता है। छात्राओं का मामला है इसलिए खतरा मोल नहीं लिया जा सकता इसलिए प्रबंधन का कहना है कि टेरिस को जाली से कवर्ड किया जाए।

- जितनी राशि थी उतना बन गया भवन
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार ७२ लाख रुपए दिए गए थे। इस राशि उपयोग कर जितना भवन बनना था उतना बना दिया है। अब बाकी का काम करने के लिए कॉलेज प्रबंधन राशि ही नहीं दे रहा। बाकी राशि ८ लाख रुपए और उपलब्ध कराई जाए तो अतिरिक्त काम हो जाएगा।

- यह है सबसे बड़ा डर
जहां अभी गल्र्स कॉलेज की बिल्डिंग है वह सुधार न्यास की जगह थी। यहां सुधार न्यास का जो भवन था पहले उसमें महिला बाल विकास द्वारा वर्किंग वूमेन्स के लिए कोई गतिविधियां शुरू करना था जो शुरू नहीं हो पाई बाद में एमजीएम कॉलेज ने इसे किराए पर लिया। जब एमजीएम कॉलेज ने यहां से अपनी किराएदारी खत्म की इसके बाद बड़े भवन को ध्वस्त कर दिया गया है और यहां से उसकी नींव की ईंट तक चोरी करके ले गए। अब यह भवन बना है यदि ध्यान नहीं दिया तो इसका भी ऐसा ही हश्र हो सकता है।

पत्र भी लिख चुके है और निवेदन भी किया है लेकिन अभी तक बचा हुआ काम नहीं किया है। बिल्डिंग के बीच खुले एरिया को कवर्ड करके और रेलिंग लगाकर देने कहा है लेकिन पूरा नहीं कर रहे हैं।
डॉ. कुमकुम जैन, प्राचार्य शासकीय कन्या महाविद्यालय

बिल्डिंग के लिए जितनी राशि दी गई थी ७२ लाख रुपए उतना काम पूरा हो चुका है। कॉलेज को सुपुर्द करने को तैयार हैं। जो अतिरिक्त काम करने का कहा जा रहा है उसकी राशि हमें नहीं मिली है।
अनिल कुमार महालहा, एसडीओ पीडब्ल्यूडी

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