अंग्रेजों की कचहरी, 100 से भी ज्यादा पुरानी है मप्र हाईकोर्ट की ये इमारत

 अंग्रेजों की कचहरी, 100 से भी ज्यादा पुरानी है मप्र हाईकोर्ट की ये इमारत
MP highcourt

Abha Sen | Publish: Mar, 12 2017 12:15:00 PM (IST) Jabalpur, Madhya Pradesh, India

रेलवे स्टेशन, कलेक्ट्रेट व तहसील कार्यालय के बीच स्थित मप्र हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ की एेतिहासिक इमारत ने अपने निर्माण के बाद से कई रंग देखे हैं।

जबलपुर। रेलवे स्टेशन, कलेक्ट्रेट व तहसील कार्यालय के बीच स्थित मप्र हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ की एेतिहासिक इमारत ने अपने निर्माण के बाद से कई रंग देखे हैं। यहां कभी ब्रिटिश शासनकाल में कचहरी लगती थी। समय का पहिया घूमा और इस भवन में मप्र हाईकोर्ट की मुख्यपीठ लगने लगी। आज इस इमारत को देश की सबसे हाईटेक हाईकोर्ट का मुख्यालय होने का गौरव प्राप्त है। यहां की लगभग हर जानकारी ऑनलाइन है।

कलेक्टर हाउस, ट्रेजरी भी थी
मप्र हाईकोर्ट की मुख्यपीठ जबलपुर की यह एेतिहासिक इमारत 100 साल से भी पुरानी है। इस भव्य भवन का निर्माण 1886 ईस्वी में आरंभ हुआ और 1889 में समाप्त हुआ। पूर्व सांसद राजा गोविंददास के पिता राजा गोकुलदास ने इसका निर्माण कराया था। तत्कालीन सीबी एंड बरार प्रांत के अंग्रेज इंजीनियर सीआईई, पीडब्ल्यूडी हेनरी इरविन ने इसकी डिजाइन तैयार की थी। 1 नवंबर 1956 तक यहां कलेक्टर हाउस, कोर्ट और ट्रेजरी हुआ करती थी। 


जिले का सारा प्रशासनिक कामकाज इसी इमारत से संचालित होता था। 1956 में मप्र राज्य के गठन के बाद मप्र हाईकोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस एम हिदायतुल्ला ने इस भवन को हाईकोर्ट के लिए चयनित किया। 1 नवंबर 1956 को यहां हाईकोर्ट की मुख्यपीठ का शुभारंभ किया गया, जो आज भी अपनी पूरी शान के साथ अपना दायित्व निभा रही है। 

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