ऑक्सीजन का संकट होगा कम, जबलपुर पहुंची 23 मीट्रिक टन ऑक्सीजन

ऑक्सीजन का संकट होगा कम, जबलपुर पहुंची 23 मीट्रिक टन ऑक्सीजन

By: Lalit kostha

Published: 04 May 2021, 02:01 PM IST

जबलपुर। कोरोना मरीजों की जान बचाने के लिए जरुरी ऑक्सीजन का रेलवे लगातार सुरक्षित परिवहन कर रहा है। शहर में सोमवार को रेलवे की ऑक्सीजन एक्सप्रेस फिर से राहत लेकर आयीं। इसमें शहर को 23 मीट्रिक टन लिक्विड ऑक्सीजन की खेप मिली है। रेलवे के जरिए झारखंड से प्रदेश को चौथी ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई है। यह एक्सप्रेस बोकारो से रविवार की रात को 10.20 बजे चार टैंकर में 45.89 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन लेकर रवाना हुई थी। ऑक्सीजन को जल्दी पहुंचाने के लिए रेलवे की ओर से झारसुगुड़ा, बिलासपुर, कटनी से शहर तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था।

बोकारो से रेलवे से प्रदेश में चौथी बार ऑक्सीजन की आपूर्ति, कटनी से दो टुकड़ों में बंटी एक्सप्रेस

सरपट दौड़ती आयी ट्रेन न्यू कटनी जंक्शन से दो भाग में बंट गई। दो टैंकर लेकर एक इंजन सागर चला गया। बचे दो ऑक्सीजन टैंकर लेकर रेलगाड़ी शाम का लगभग 5.30 बजे भेड़ाघाट (जबलपुर) पहुंची। जहां स्टेशन पर बनाए गए विशेष रैम्प से ऑक्सीजन टैंकर अनलोड किए गए। नई खेप से अंचल में कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन की आपूर्ति निर्बाध रहेगी। पश्चिम मध्य रेल के जनसम्पर्क अधिकारी राहुल जयपुरियार के अनुसार कोरोना महामारी और संकट की इस घड़ी में राज्यों को उनकी आवश्यकता के अनुसार ऑक्सीजन ढुलाई से जुड़े सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए रेलवे पूरी तत्परता से कार्य कर रहा है।

पांच रेल कोच में 80 आइसोलेशन बिस्तर
पश्चिम मध्य रेल की ओर से कोरोना मरीजों को प्राथमिक उपचार की सुविधा मुहैया कराने के लिए पांच कोच में अस्सी आइसोलेशन बिस्तर बनाए जा रहे है। मदन महल स्टेशन के प्लेटफॉर्म-3 में 22 आइसोलेशन कोच का रैक खड़ा है। इसमें प्रारंभिक स्तर पर पांच कोच को कोविड मरीजों के आइसोलेशन के लिए अपडेट किया जा रहा है। जिला प्रशासन की पत्र मिलने के बाद रेलवे की ओर से पांच में ऑक्सीजन सिलेंडर, कूलर सहित अन्य व्यवस्थाएं की जा रही है। आवश्यकता होने पर कोरोना मरीजों के आइसोलेशन के लिए कोच का उपयोग किया जा सकेगा।

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Lalit kostha Desk
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