तेजस और सुखोई के लिए 250 केजी एचएसएलडी बम बनेंगे, मध्य प्रदेश को मिली बड़ी जिम्मेदारी

भारतीय वायुसेना की और बढ़ेगी ताकत।

By: Faiz

Published: 07 Aug 2020, 12:39 AM IST

जबलपुर/ मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित सेना के लिए हथियार बनाने वाली फैक्ट्री (आयुध निर्माणी) भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान सुखोई और तेजस के लिए '250 केजी एचएसएलडी बम' बनाने का काम शुरू करने वाली है। इन बमों के बनाए जाने के बाद वायुसेना की ताकत में और बढ़ोतरी होगी। जानकारी के मुताबिक, करीब एक साल पहले वायुसेना ने 'मेक इन इंडिया' के तहत आयुध निर्माणी को बम बनाने के प्रोजेक्ट पर काम करने के निर्देश दिये थे।इसके बाद यहां बम के खोल बनाकर वायुसेना को भेजे गए।

 

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पहले लॉट में बनाए जाएंगे 300 बम

बम बनाने से पहले उसके खोल तैयार कर उन्हें जांच के लिए भेजा गया था, जहां ये सेना के सभी पैमानों पर परखे और सराहे गए। बताया जा रहा है कि इन खोलों का लड़ाकू विमान सुखोई और तेजस में भी परीक्षण किया गया था। अब रक्षा मंत्रालय ने ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड के माध्यम से 250 केजी बम के 300 नग बनाने कहा है। इसके आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। रक्षा मंत्रालय से आदेश मिलने के बाद जबलपुर आयुध निर्माणी के प्लांट एक और दो में इसे बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। कहा ये भी जा रहा है कि, 300 बम बनाने का पहला प्रोजेक्ट सफल होने के बाद भविष्य में इन बमों के निर्माण के लिए आयुध निर्माणी में एक अलग से प्लांट तैयार किया जाएगा।

 

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इन खूबियों से लैस होंगे बनाए जानें वाले बम

-250 केजी हाइ स्पीड लो ड्रग (एचएसएलडी) बम' को तेजस, सुखोई जैसे लड़ाकू विमानों से दागा जा सकता है।

-बम 10 से 30 किलोमीटर की ऊंचाई से युद्ध मैदान और बंकर, बिल्डिंग पर अचूक निशाना लगाते हैं।

-बम में भरे गए बारूद की मात्रा 110 से 115 किलोग्राम तक होगी।

-250 केजी बम की लंबाई 93 इंच (कुल 237 सेंटीमीटर) होगी। इस विध्वंसक बम का कुल वजन 135 किलोग्राम होगा।

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