जबलपुर में बोर्ड परीक्षा के 38 हजार छात्र सीधे होगे ' पास '

सीबीएसई बोर्ड के बाद एमपी बोर्ड ने लिया निणर्य, 30 हजार हजार के लगभग एमपी बोर्ड छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ, स्कूल प्रबंधन निर्णय का किया स्वागत

By: Mayank Kumar Sahu

Updated: 02 Jun 2021, 11:42 PM IST

जबलपुर।
कोरोना संक्रमण के चलते सीबीएसई बोर्ड के बाद अब एमपी बोर्ड ने भी 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। बोर्ड परीक्षाएं रद्द होने से जिले सीबीएसई और एमपी बोर्ड के स्कूलों में पढऩे वाले करीब 38 से 40 हजार छात्र-छात्राएं अब सीधे पास हो जाएंगे। ऐसा पहली बार हुआ है जब 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द की गई हों। इस निर्णय का स्कूल प्रबंधन ने स्वागत किया है तो वहीं अभिभावकों ने भी राहत ली है। परीक्षाएं रदद् होने पर अब स्कूलों के सामने छात्रों का रिजल्ट तैयार करना बड़ी समस्या होगी। अभी तक इस दिशा में कोई निर्णय नहीं हुआ है तो वहीं स्कूल दुविधा में है कि किस आधार पर छात्रों का अस्समेंट किया जाए।

जिले में 290 स्कूल संचालित
एमीबोर्ड एवंसीबीएसई बोर्ड को मिलाकर जिले में करीब 290 से अधिक स्कूल संचालित हैं। इनमें सरकारी स्कूल, केंद्रीय विद्यालय से लेकर अशासकीय स्कूल भी शामिल है। केंद्रीय विद्यालय में 12वीं में पढऩे वालों छात्रों की संख्या करीब 2000 के आसपास बताई जाती है। जबकि अशासकीय सीबीएसई स्कूलों में छात्रों की संख्या 7 हजार के लगभग है। जबकि 30 हजार के लगभग छात्र सरकारी और निजी स्कूलों में अध्ययनरत हैं।

स्कूल प्रबंधन तैयारियों में जुटे
इस निर्णय के बाद स्कूल प्रबंधन तैयारियों में जुट गए हैं। स्कूलों द्वारा पूर्व की परीक्षाओं के डेटा तैयार करना शुरू कर दिया गया है तो वहीं 11वीं कक्षा के परिणाम, इंटरनल अस्सिमेंट और अद्र्धवार्षिक परीक्षाओं की शीट तैयार कराई जा रही है। क्योंकि इस निर्णय के बाद छात्रों के कॉलेजों में प्रवेश को देखते हुए स्कूलों के सामने जल्द रिजल्ट तैयार करने की भी चुनौती होगी। रिजल्ट देने के लिए हर स्कूल को छात्रों की अपने स्तर पर मार्किंग करना भी होगी इसे लेकर स्कूल शार्ट टर्म पीरियड ऑनलाइन एग्जाम कराने पर भी विचार कर रहे हैं।

निर्णय का किया स्वागत
-छात्रों की सुरक्षा पहले हैं इसके बाद परीक्षाएं। कोरोना संक्रमण को लेकर कितना अभिभावक सहमे हुए थे उतना ही स्कूल प्रबंधन भी। रिजल्ट कैसे तैयार होगा यह स्पष्ट नहीं है।
-अनुराग सोनी, डायरेक्टर ब्रिटिश फोर्ट स्कूल
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-परीक्षा को लेकर छात्र तनाव की स्थिति में थे। इस निर्णय से सभी को राहत मिली है। यह जरूर है कि परीक्षाएं रदद् करने का निर्णय शासन को पहले ले लिया जाना था ताकि छात्रों को इंतजार नहीं करना पड़ता।
-नितिन जैन, डॉयरेक्टर ज्ञानगंगा स्कूल
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-एमपी बोर्ड स्कूलों की परीक्षाओं को लेकर हम सबसे ज्यादा चितिंत थे। इसकी मांग भी हम संगठन के माध्यम से कर रहे थे। निर्णय छात्रों के हित में है।
-दूलीचंद देवानी, अध्यक्ष अशा.स्कूल प्रबंधन
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-कोरोना के चलते इस साल पढ़ाई काफी प्रभावित हुई थी। इसे देखते हुए यह निर्णय उचित है। सीबीएसई के निर्णय के बाद से ही यह लग रहा था कि एमपी बोर्ड की भी परीक्षाएं रद्द हो सकती हैं।
-नितिन पाल, प्राचार्य नचिकेता स्कूल
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-एमपीबोर्ड की परीक्षाएं शासन ने रदद् कर दी हैं। अभी अधिकृत निर्देश विभाग को प्राप्त नहीं हुए हैं। यह लिया गया निर्णय छात्रहित में है।
-घनश्याम सोनी, जिला शिक्षा अधिकारी

Mayank Kumar Sahu Reporting
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