जुआफड़ पर लगा रहे थे दांव, 61 जुआरी गिरफ्तार

कोतवाली थाना क्षेत्र के कबूतरखाने का मामला : दूसरे थाने की टीम से करानी पड़ी कार्रवाई

 

By: virendra rajak

Published: 09 Dec 2017, 01:21 AM IST

जबलपुर. कोतवाली के कबूतखाना इलाके में जुआफड़ पर दांव लगाया जा रहा था। कुछ लोग सट्टा भी लिख रहे थे। क्षेत्र में लम्बे समय से चल रहे जुआ फड़ और सट्टे में कोतवाली और क्राइम ब्रांच की टीम की मिलीभगत उजागर होने पर आला अधिकारियों ने दूसरे संभाग की पुलिस को जुआफड़ पर छापा मारने के निर्देश दिए। टीम ने शुक्रवार को छापा मारकर ६१ जुआरियों को दबोचा। आरोपितों के पास से एक लाख २६ हजार ५०० रुपए भी बरामद हुए हैं। कार्रवाई के दौरान फड़ संचालक नरेश ठाकुर फरार हो गया।

लंबे समय से चल रहा था धंधा

ओमती सीएसपी अजीम खान ने बताया कि कबूतरखाना में नरेश ठाकुर जुआ फड़ का संचालन कर रहा था। सूचना पर टीम के साथ जुआफड़ पर दबिश दी गई। मौके से राजेश रैकवार, प्रदीप विश्वकर्मा, हरिसिंह, अनिल मखीजा, प्रकाश राव, राजू, जितेन्द्र गोस्वामी, गुड्डू झारिया, राजेश केवट, महीपाल बंशकार, दीपेश जैन, राजेश राजवाड़े, विवेक कुमार, राजेश जैन, द्वारका प्रसाद, अतुल कुमार, बंटी विश्वकर्मा, जमीन अंसारी, संतोष विश्वकर्मा, सुनील जैन, राजेश सोनी, शुभम साहू, महेन्द्र राय, राजू ठाकुर, दीपेश दुबे, धर्मेन्द्र जाटव, संदीप लकड़े, पुरुषोत्तम गुप्ता, राजकुमार जैन, लड्डू गर्ग, राकेश रजक, धनीराज पटेल, नीरज मिश्रा, राकेश पटेल, अशोक विश्वकर्मा, कदीर, अवधेश केवट, अनुराग ठाकुर, सुनील नामदेव, सनी चौधरी, संजय सिंह, श्रीनिवास वर्मा, गुलफाम नवी, गुड्डू पाटकर, महेश झारिया, रमेश, अनूप झारिया, परमजीत सिंह, आदित्य पटेल, लालू चौधरी, अभिषेक चक्रवर्ती, विशाल विश्वकर्मा, धर्मेन्द्र पटेल, निजाम, सिल्लू यादव, विजय कुमार सोनी, अंशुल साहू, सुंदर ठाकुर, सुरेश चौकसे व विनोद चौधरी को गिरफ्तार किया गया। आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि वे लम्बे समय से वहां जुआ खेलने जाते थे। पुलिस ने फड़ संचालक नरेश के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया है।

बुलाना पड़ा बल और जेल वाहन

पुलिस टीम ने जुआफड़ पर छापा मारा तो जुआरियों ने भागने का प्रयास किया। पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना देकर जेल वाहन और अतिरिक्त बल बुलाया गया। जुआरियों को जेल वाहन से थाने लाया गया।

पहले भी पकड़ा जा चुका है फड़

इसके पूर्व भी नरेश ठाकुर का जुआ फड़ पकड़ा जा चुका है। उस वक्त भी दूसरे संभागों की पुलिस से कार्रवाई कराई गई थी। मामले में थाना प्रभारियों को निलंबित कर दिया गया है। कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया कि कोतवाली पुलिस जानबूझकर जुआफड़ पर कार्रवाई नही करती। उधर, क्राइम ब्रांच को इस मामले से दूर रखना भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।

virendra rajak Reporting
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