औषधि भी है बसंत में खिलने वाला यह फूल, जानें इसके 8 फायदे

पलाश के फूलों का उपयोग लोगों के लिए औषधि के रूप में होता है।

जबलपुर। गर्मियों की शुरुआत के साथ जहां चारों ओर पतझड़ नजर आने लगता जाता है, वहीं मुरझाए हुए पेड़ों के बीच सुर्ख रंग के फूल मन को सुकून देने का काम करते हैं। यह फूल दिखने में जितने खूबसूरत होते हैं उतना ही इनका प्रयोग औषधि और गुलाल के रूप में होता है। हम यहां बात कर रहे हैं पलाश के फूलों की।



इनकी खासियत यह है कि वसंत में जहां इनके फूल हर ओर छाए रहते हैं वहीं होली के खत्म होने के बाद इनके फूल उतरने लगते हैं। मुख्य रूप में इनका उपयोग जहां गुलाल और अबीर बनाने के लिए किया जाता है, वहीं टेसू के फूलों का उपयोग लोगों के लिए औषधि के रूप में होता है।


कॉस्मेटिक उपयोग

ग्रामीणों द्वारा टेसू के पत्तों का उपयोग पत्तल और दोनों तक ही सीमित रहा है लेकिन अब वे भी इनका उपयोग औषधि और कॉस्मेटिक की तरह करने लगे हैं। सिर्फ टेसू ही नहीं गेंदा, गुलाब, ऑलिविया और ऑर्किड जैसे फूल भी औषधि के रूप में काम आते हैं। जो न सिर्फ रंग बनाते हैं, बल्कि सेहत और काया भी निखारते हैं।


ये हैं औषधीय फायदे

- टेसू के फूल के सेवन से एनर्जी मिलती है
- शरीर में पानी की कमी पूरी होती है
- टेसू के फूल शरीर में बल्ड बढ़ाने का काम करता है।
- बुखर में टेसू का उपयोग किया जाता है।
- उदर रोगों के लिए टेसू के फूल रामबाध का काम करते हैं।
- आंखों से जुड़ी बीमारियां ठीक होती हैं।
- टेसू के उपयोग से रतौंधी की समस्या से निजात मिलती है।
- टेसू का सेवन ब्लड सर्कुलेशन कंट्रोल करने का काम करता है। 


शहरों में बढऩे लगी संख्या

एक्सपर्ट डॉ. आरके श्रीवास्तव ने बताया कि पलाश जिसका वानस्पतिक नाम ब्यूटिया मोनोस्पर्मा होता है। वसंत के आते ही इनकी संख्या में जबर्दस्त इजाफा होता है। सुर्ख लाल होने के कारण इन फूलों को जंगल की आग भी कहा जाता है। कुछ समय पहले तक सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों तक इन पेड़ों की संख्या ज्यादा पाई जाती  थी, लेकिन अब सिविल लाइन्स, विजय नगर और गौर सहित अन्य क्षेत्रों में भी इन्हें बहुतायत में देखा जा सकता है। मुख्य रूप से पलाश के फूलों का उपयोग अबीर और गुलाल बनाने के लिए किया जाता है, साथ ही कई औषधि में अब इसका उपयोग किया जाने लगा है।


इस तरह आता है काम 

फूल को उबालने से एक प्रकार का लाल और पीला रंग निकलता है जो कि होली के लिए प्रयोग किया जाता है, फूलों की बची हुई चीजों से अबीर भी बनता है, ब्यूटी कॉस्मेटिक्स में टेसू के चूर्ण का उपयोग बढ़ा है, कपड़ों के रंगाई में 
फूलों के रंग काम आते हैं।
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neeraj mishra
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