आज विशेष मुहूर्त में करें नंदी पर सवार महादेव की पूजा, हर समस्या का होगा समाधान: पंचांग

राहु काल - प्रात: 09.49.23 से 11.13.55 तक राहु काल वेला रहेगी। अगर हो सके तो इस समय में शुभ कार्यों को करने से बचना चाहिए।

जबलपुर। शुभ विक्रम संवत् : 2076, संवत्सर का नाम : परिधावी, शाके संवत् : 1941, हिजरी संवत् : 1441, मु.मास : जमादि उल , उस्सानी 20, अयन : उत्तरायण, ऋतु : शिशिर ऋतुु, मास : फाल्गुन, पक्ष : कृष्ण पक्ष,
तिथि - सूर्योदय से दोप. 04.29 मि. तक भद्रा संज्ञक सप्तमी तिथि रहेगी पश्चात जया संज्ञक अष्टमी तिथि लगेगी। सप्तमी तिथि को चित्रभानु नामवाले भगवान सूर्यनारायण का पूजन करना चाहिए, ये सबके स्वामी एवं रक्षक हैं। अष्टमी तिथि को वृषभ से सुशोभित भगवान सदाशिव की पूजा करनी चाहिए, वे प्रचुर ज्ञान तथा अत्यधिक कांति प्रदान करते हैं। भगवान शंकर ज्ञान देने वाले और बंधनमुक्त करने वाले हैं।
योग- सूर्योदय से दोप. 02.05 मि. तक वृद्धि योग रहेगा पश्चात धु्रव योग लगेगा। वृद्धि योग के स्वामी सूर्यदेव माने जाते हंै जबकि धु्रव योग के स्वामी स्वयं धरती माता मानी गई हैं।
विशिष्ट योग- दोनों ही योग को बेहद शुभ माना जाता है। वृद्धि योग बेहद शुभ होता है। इसमें किसी भी व्यवसायिक कार्य की शुरुआत कर सकते हैं। धु्रव योग में कोई भी शुभ कार्य निर्विघ्न किए जा सकते हैं।
करण- सूर्योदय से दोप. 04.29 मि. तक बव नामक करण रहेगा पश्चात बालव नामक करण लगेगा। इसके पश्चात कौलव नामक करण लगेगा।



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नक्षत्र- सूर्योदय से अर्धरात्रि 05.00 मि. तक मिश्र साधारण विशाखा नक्षत्र रहेगा पश्चात मृदु मैत्र अनुराधा नक्षत्र लगेगा। औषधि एवं रसायन के निर्माण, चिकित्सा संबंधी अन्य कार्यों के लिए विशाखा एवं अनुराधा दोनों नक्षत्र शुभ माने गए हैं। वहीं मुकदमेबाजी आदि कार्य विशाखा नक्षत्र में किए जा सकते हैं। वर-वधू की सगाई आदि के लिए अनुराधा नक्षत्र शुभ माने गए हैं।
आज के मुहूर्त - अनुकूल समय में वस्तु विशेष का विक्रय करने के लिए शुभ मुहूर्त है।
चौघडिय़ा के अनुसार समय - प्रात: 08.24 मि. से 09.49 मि. तक शुभ का चौघडिय़ा रहेगा एवं दोप. 12.38 मि. से 04.52 मि. तक क्रमश: चंचल लाभ व अमृत के चौघडिय़ा रहेंगे।
व्रत/पर्व - श्रीनाथजी महोत्सव (नाथद्वारा राज.)।
चंद्रमा - सूर्योदय से रात्रि 11.18 मि. तकचंद्रमा वायु तत्व की तुला राशि में रहेंगे पश्चात जल तत्व की वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे।
दिशाशूल- पूर्व दिशा में। (अगर हो सके तो आज के दिन पूर्व दिशा में यात्रा को टालना चाहिए)।
राहु काल - प्रात: 09.49.23 से 11.13.55 तक राहु काल वेला रहेगी। अगर हो सके तो इस समय में शुभ कार्यों को करने से बचना चाहिए।
आज जन्म लिए बच्चे- आज जन्म लिए बच्चों के नाम (ती, तू, ते, तो, ना ) अक्षरों पर रख सकते हैं। आज जन्मे बच्चों का जन्म लोहे के पाए में होगा। सूर्योदय से रात्रि 11.18 मि. तक तुला राशि रहेगी पश्चात वृश्चिक राशि रहेगी। आज जन्म लिए बच्चे शरीर से सामान्य होंगे। प्राय: इनका भाग्योदय करीब 24 वर्ष की आयु में होगा। ऐसे जातक समाज में प्रिय किंतु मन से असंतुष्ट रहेंगे। प्राय: व्यापार में हमेशा सफल रहेंगे। इनके पास हमेशा अच्छी धन सम्पदा रहेगी। तुला राशि में जन्मे जातक को साहित्य प्रेम को कम नहीं करना चाहिए। वृश्चिक राशि में जन्मे जातक को स्वार्थ तत्वी होने से बचना चाहिए।

Lalit kostha Desk
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