उद्योग लगाने मिलेगी अतिरिक्त जमीन, इन्हें होगा फायदा

युवाओं को रोजगार के मिलेंगे अवसर

जबलपुर। उद्योगों या बंद इकाइयों की अतिरिक्त भूमि का 50 फीसदी हिस्सा अब नए उद्यमियों को हस्तांतरित हो सकेगा। इसका फायदा नए उद्योगों की स्थापना और युवाओं को रोजगार के रूप में होगा। शहर के औद्योगिक क्षेत्रों में भी यह नियम लागू होगा। प्रदेश शासन के नवीन औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2019 में यह प्रावधान किया गया है।

30 दिसंबर 2019 से नियम जारी
फेडरेशन ऑफ मप्र चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री एवं जबलपुर चेम्बर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हिमांशु खरे ने बताया कि यह नियम 30 दिसंबर 2019 को जारी किया गया है। इसमें प्रदेश शासन ने फेडरेशन की मुख्य मांगों को स्वीकार किया है। इससे जबलपुर के साथ ही प्रदेश के उद्योग-व्यापार जगत को भी लाभ मिलेगा।

99 वर्ष पट्टे की अवधि
खरे ने बताया कि औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2019 में औद्योगिक भूमि के पट्टे की अवधि अधिकतम 99 वर्ष होगी। इससे उद्योगपति उद्योगों में निश्चिंतता से नवीन निवेश और विस्तार कर सकेंगे। अविकसित भूमि पर प्रबंध संचालक एमपीआईडीसी और विकसित भूमि पर कार्यकारी संचालक क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से सभी प्रकार की इकाइयों को गुण-दोष के आधार पर सब-लीज की अनुमति दी जा सकेगी। जबलपुर चेम्बर के चेयरमैन प्रेम दुबे ने बताया कि फेडरेशन एवं जबलपुर चेम्बर के सुझावों पर जारी इस नीति से बीमार उद्योगों की भी पुनर्संरचना की जा सकेगी। चेम्बर के कार्यकारी अध्यक्ष कमल ग्रोवर और सचिव नरिंदर सिंह पांधे ने कहा कि इससे जबलपुर में औद्योगिक वातावरण तैयार होगा।

reetesh pyasi Desk
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