ये है सोना उगलने वाला आलू, इन किसानों की चमकी किस्मत!

ये है सोना उगलने वाला आलू, इन किसानों की चमकी किस्मत!

By: Lalit kostha

Published: 19 Jan 2019, 03:39 PM IST

बालमीक पाण्डेय कटनी। राजनीति में वैसे तो इन दिनों आलू से सोना बनाने वाली फैक्ट्री वाला राहुल गांधी का बयान मजाक बनकर ट्रेंड कर रहा है। लेकिन कुछ किसानों ने ऐसा आलू लगाया है जो सच में उनके घर सोना बरसाने वाला है। ये आलू आम आलू की तरह है, लेकिन इससे होने वाली कमाई कई गुना है। इसलिए इसे स्थानीय लोग सोना उगलने वाला आलू भी कह रहे हैं, आइए जानते हैं पूरी सच्चाई-

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फरवरी में शुरू हो जायेगा उत्पादन
उद्यानिकी में किसान आजमा रहे हाथ
एटलांटिक आलू की खेती से समृद्ध होंगे किसान

जिले के किसान अब उन्नत कृषि के माध्यम से अपनी सफलता की राह आसान कर रहे हैं। नित-नई पद्धति को अपनाकर किसान आमदनी में इजाफा कर रहे हैं। जिले के चार उन्नत किसान खास आलू की खेती किये हुये हैं, जिसकी पैदावार फरवरी माह से शुरू हो जायेगी और किसानों को लागत काटकर एक एकड़ में सीधे-सीधे लगभग 50 हजार रुपये का मुनाफा होगा। हाल में चारों किसानों के खेत में एटलांटिक आलू की फसल लहलहा रही है। एटलांटिक आलू (एटीएल) उन्नत किस्म के आलू की खेती है। इन किसानों ने कांटेक्ट फॉर्मिंग के तहत की है।

जिले में साढ़े 28 एकड़ में आलू की खेती की गई है। यदि उत्पादन और मुनाफा किसानों को ठीक ढंग से हुआ तो फिर इसे जिले के अधिकांश किसानों को करने के लिए प्रेरित किया जायेगा, ताकि सब्जी की खेती लाभ का धंधा बन सके। कांटेक्ट के अनुसार 16 रुपये प्रति किलोग्राम के मान से किसानों को आलू का बीज उपलब्ध कराया गया है। उत्पादन शुरू होने के बाद यह आलू 10-11 रुपये प्रतिकिलोग्राम बिकेगा। चिप्स वाला आलू 10 रुपये में और छोटा वाला जिसका उपयोग बीज के लिए होगा वह 11 रुपये प्रति किलोग्राम के मान से बिकेगा। उद्यानिकी अधिकारी के अनुसार एक हेक्टेयर में 200 से 250 क्विंटल उत्पादन होगा। तीन माह में फसल तैयार हो जाएगी। फरवरी माह से किसानों के यहां उत्पादन शुरू हो जायेगा।

प्रति एकड़ 55 हजार का मुनाफा-
खास बात यह है कि किसानों को आलू बेचने के लिए कहीं बाजार में चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। कांटेक्ट फॉर्मिंग के तहत पेप्सी कंपनी से अनुबंध हुआ है। कंपनी सीधे किसानों के खेत से आलू खरीदकर ले जायेगी। कंपनी को बीज तैयार करना है। इसलिए आलू को ज्यादा बढऩे नहीं दिया जायेगा। आलू कम साइज में और अधिक लगे, संख्या अधिक हो जाये इसके लिए फोकस हो रहा है। अनुज कुमार तिवारी कंपनी मैनेजर किसानों को हर सप्ताह सलाह दे रहे हैं। दो पंजाब से कृषि वैज्ञानिक और एक विदेश से भी कृषि वैज्ञानिक सलाह दे रहे हैं। किसान को 50 से 55 हजार रुपये खर्च काटने के बाद 50 से 55 हजार एकड़ में आमदनी होगी।

इन किसानों ने की खेती
- एमएस सोलंकी निवासी सुगवां ब्लॉक रीठी ने 11 एकड़ में की है खेती।
- राजप्रताप सिंह जुगियाकाप में 10 एकड़ में लगाई है आलू की फसल।
- पुरषोत्तम सिंह ठाकुर तेवरी बहोरीबंद ब्लॉक ने 5 एकड़ में की है खेती।
- विक्रम सिंह यादव हरदुआ कटनी ब्लॉक ढाई एकड़ में आलू लगाये हैं।

जिले में चार किसानों ने उद्यानिकी विभाग की सलाह पर एटलांटिक आलू की खेती की है। यह कांटेक्ट के आधार पर है। इसमें किसान को लागत काटकर 90 दिन की फसल में सीधे 50 से 55 हजार रुपये का प्रति एकड़ मुनाफा होगा। इसकी पैदावार फरवरी में शुरू हो जाएगी।
- वीरेंद्र सिंह, उपसंचालक उद्यानिकी

Lalit kostha Desk
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