जबलपुर में गजब के डॉक्टर, डिग्री आयुर्वेदाचार्य की, इलाज एलोपैथी में

कोतवाली पुलिस ने बिना रजिस्ट्रेशन क्लीनिक का संचालन मिलने पर दर्ज किया धोखाधड़ी का मामला

By: santosh singh

Published: 11 Jul 2020, 12:36 AM IST

जबलपुर। दमोहनाका से दीनदयाल चौक जाने वाले मार्ग पर बिना सीएमएचओ कार्यालय में रजिस्टे्रशन कराए क्लीनिक का संचालन करते हुए एलोपैथी तरीके से इलाज करने वाले आयुर्वेदाचार्य के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को मामला दर्ज किया। इससे पहले होम्योपैथिक का रजिस्ट्रेशन कराने वाले चिकित्सक पर भी शिकंजा कसा जा चुका है।
कोतवाली पुलिस ने बताया कि विक्टोयिा अस्पताल में जिला मीडिया अधिकारी अजय कुरील ने मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। जिले में झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने पूर्व में दमोहनाका से दीनदयाल रोड पर क्लीनिक का संचालन करने वाले डॉ शेख अफजल खान की जांच की थी। 10 अप्रैल को हुई जांच में पता चला कि वह अवैध तरीके से क्लीनिक का संचालन कर रहे हैं। उनके पास डिग्री आयुर्वेदाचार्य की है। बावजूद वह मरीजों को एलोपैथी तरीके से इलाज कर रहे थे। 10 अप्रैल को नोटिस मिलने के बाद उसने 21 मई को सीएमएचओ कार्यालय में पंजीयन का आवेदन किया। वह मरीजों को सर्दी-बुखार की अंग्रेजी दवाएं लिख रहे थे। शहर में कोरोना संक्रमण फैला हुआ है। इस तरह से यह मरीजों के जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। पुलिस ने विभिन्न धाराओं सहित धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया।
फर्जी नाम से करता है इलाज-
घमापुर थाने में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. धीरज दवंडे लालमाटी सिद्धबाबा रोड पर क्लीनिक का संचालन करने वाले डॉ. मुर्तजा मंसूरी के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कराया। डॉक्टर की क्लीनिक का पंजीयन सीएमएचओ कार्यालय में नहीं कराया गया। इस क्लीनिक में डॉ. मुर्तजा मंसूरी बैठता है। जबकि क्लीनिक में नाम डॉ डॉ. गोपाल सिंह के नाम लिखा है। इसी नाम से जारी नोटिस के जवाब में मुर्तजा ने हस्ताक्षर कर जवाब भेजा था। वह गलत तरीके से एलोपैथी दवा लिखता है।
फर्जी तरीके से संचालित कर रहे क्लीनिक-
गोहलपुर थाने में शुक्रवर को जिला मीडिया अधिकारी अजय कुरील ने डॉक्टर नीरज दाहिया और डॉक्टर एसएस ठाकुर के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कराया। दोनों ग्रीन सिटी मुख्य रोड पर मनमोहन नगर पार्क के पीछे क्लीनिक संचालित करते हैं, जिसका पंजीयन नहीं है। दोनों मरीज को अंग्रेजी दवा लिख रहे थे। 27 अप्रैल को जारी नोटिस का जवाब आज तक दोनों ने नहीं दिया।
गढ़ा में भी दर्ज हुआ मामला-
वहीं गढ़ा थाने में डॉ. धीरज दवंडे ने शाहीनाका केजी बोस नगर में क्लीनिक का संचालन करने वाले डॉ. केपी पांडे के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में शुक्रवार को प्रकरण दर्ज कराया। डॉ. पांडे भी बिना क्लीनिक पंजीयन कराए अनाधिकृत रूप से इलाज कर रहे थे।
रजिस्ट्रेशन होम्योपैथिक क्लीनिक का, इलाज ऐलोपैथी
इससे पहले गुरुवार को गोहलपुर में शांतिनगर दमोहनाका गली नम्बर नौ में डॉ. आरएस यादव के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कराया गया। उनके खिलाफ टीम ने जांच में पाया कि वे होम्योपैथिक क्लीनिक का सीएमएचओ कार्यालय में रजिस्ट्रेशन कराकर एलोपैथी पद्धति से इलाज कर रहे थे। 13 अप्रैल और एक मई के मरीज के पर्चे पर अंग्रेजी दवा लिखी टीम ने जब्त किया था। 15 अप्रैल को दिए गए नोटिस का जवाब 20 मई को दिया कि मरीज के अनुरोध पर वरिष्ठ चिकित्स्कों से परामर्श के बाद उसने अंग्रेजी दवा पर्चे में लिखी थी। भविष्य में ऐसा न करने का आश्वासन दिया।

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santosh singh Reporting
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